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एसएसपी बताएं, क्यों न उनके वेतन से काटी जाए हर्जाने की राशि

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वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) नरेंद्र कुमार झा की अदालत ने शिवपुर थाने के दहेज हत्या के एक मामले में एसएसपी को दिए गए आदेश का अब तक अनुपालन न होने पर गंभीर टिप्पणी की है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पारित आदेश पर एसएसपी द्वारा कार्रवाई न करना प्रथम दृष्टया यह सिद्ध करता है कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उनकी कोई रुचि नहीं है। एसएसपी 31 जनवरी को अपना स्पष्टीकरण पेश करें कि इस अदालत के छह जनवरी के आदेश के अनुपालन में उन्होंने क्या कार्रवाई की और अभियोजन पर लगाई गई हर्जाने की धनराशि क्यों न उनके वेतन से काटी जाए। कटौती की प्रविष्टि उनकी चरित्र पंजिका में क्यों न दर्ज की जाए।
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अदालत ने कहा कि आदेश के अनुपालन में कोई भी पुलिस अधिकारी कोर्ट में उपस्थित नहीं है। यह प्रथम दृष्टया सिद्ध करता है कि इस प्रकरण में दिए गए आदेश के अनुपालन के लिए एसएसपी ने किसी पुलिस अधिकारी को नियुक्त ही नहीं किया। ऐसे में यह कोर्ट उचित समझती है कि अभियोजन पर एक हजार रुपये का हर्जाना लगाया जाए और इसकी वसूली लापरवाह कर्मचारी से की जाए।
मामले में बीते छह जनवरी को कोर्ट ने एसएसपी को निर्देशित किया था कि अपने स्तर से किसी सक्षम पुलिस अधिकारी को नियुक्त करें, जो सदर मालखाने से मृतका का कथित सुसाइड नोट व पत्रावली पर उपलब्ध प्रपत्र की हैंड राइटिंग और फिंगर प्रिंट विधि विज्ञान प्रयोगशाला रामनगर में जांच के लिए दाखिल करे। सरकार बनाम रामनरेश उर्फ नन्हकू वगैरह की इस पत्रावली का निस्तारण हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में जल्द से जल्द किया जाना है।
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