वाराणसी। बीएचयू के पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सोमवार को शुभारंभ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने भूमंडलीकरण और विकास पर विस्तृत चर्चा की। बतौर मुख्य वक्ता चिंतक और लेखक डॉ. राघव शरण शर्मा ने कहा कि भूमंडलीकरण के इस दौड़ में मीडिया की पहुंच हर वर्ग तक हो गई है। इससे विकास का कार्य तेजी से बढ़ा तो है लेकिन मीडिया को चाहिए कि वो अपने पहुंच का इस्तेमाल प्राय: सकारात्मक कार्य में करे।
विकास, भूमंडलीकरण और मीडिया विषयक संगोष्ठी में डॉ. शर्मा ने कहा कि भूमंडलीकरण के जिस दौर की चर्चा होती है, वह 90 के दशक का है जबकि भूमंडलीकरण तो सभ्यता के शुरूआत से चला आ रहा है। अध्यक्षता करते हुए कला संकाय प्रमुख प्रो. कुमार पंकज ने कहा कि मीडिया हमेशा ही जनचेतना का कार्य करती रही है चाहे वह भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन हो या फि र बाद के दिनो में राष्ट्र निर्माण का कार्य, मीडिया ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने भूमंडलीकरण के इस दौर में विकास और मीडिया के बीच समन्वय को जरूरी बताया। अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग दवे ने किया। आयोजन सचिव ने संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. शोभना नार्लीकरण, डॉ. नेहा, प्रो. एचए आजमी, डॉ.राजेश सिंह, चंद्राली मुखर्जी आदि लोग मौजूद रहे।