वाराणसी। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर शनिवार को फिर भाजपा पर बरसे। कहा, पिछड़ों के मामले में सरकार कुछ नहीं कर रही है। पिछड़ा वर्ग के 27 फीसदी आरक्षण का लोकसभा चुनाव से पहले बंटवारा नहीं हुआ तो भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी। यही नहीं, भाजपा गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही है। पिछड़ा वर्ग आयोग में हमारा एक भी प्रतिनिधि नहीं हैं। हालत यह है कि 22 महीने से हम पार्टी कार्यालय मांग रहे हैं लेकिन अब तक आश्वासन ही मिला है।
राजभर ने कहा कि महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का बिल संसद में अटका हुआ है। निशुल्क और समान शिक्षा पर कानून बनाने से सरकार पीछे हट रही है। पीएम मोदी ने चुनाव से पहले पूरे देश में गुजरात मॉडल लागू करने की बात कही थी लेकिन आज तक उत्तर प्रदेश में शराबबंदी पर चर्चा ही नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि अब भाजपा पर निर्भर करता है कि वह हमारे साथ गठबंधन रखना चाहती है या नहीं। 26 फरवरी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हमें बातचीत के लिए बुलाया है। उनसे मुलाकात के बाद ही इस बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। रविवार को सुभासपा मंडलीय रैली आयोजित कर रही है। इसके जरिए पार्टी अपनी ताकत दिखाएगी।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की प्रदेश सरकार से नाराजगी पर उन्होंने कहा कि हम भी जाने की तैयारी में हैं। बोले, गठबंधन से जब कोई पार्टी अलग होती है तो उसका प्रभाव दूर तक होता है। किसी और दल के साथ चुनावी गठबंधन के सवाल पर कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा एक जैसे ही हैं। इन्होंने अगर काम किया होता तो भाजपा को सत्ता में आने का मौका नहीं मिलता।
राजभर ने कहा कि सिख, गोरखा, राजपूत और जाट रेजीमेंट की तर्ज पर सेना में राजभर रेजीमेंट होनी चाहिए। रेजीमेंट में एक लाख राजभरों की भर्ती की जाए। यह रेजीमेंट एक ही हमले में पाकिस्तान का नक्शा दुनिया से मिटा देगी। बताया, जब सय्यद सलार गाजी महमूद ने हमला किया था, महराजा सुहेलदेव ने ही बहराइच के नानपारा में धूल चटाई थी। हम उन्ही के वंशज हैं।