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बीएचयू अस्पताल में ही चलेगी आठ विभागों की ओपीडी

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वाराणसी। बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान के जिन आठ विभागों की ओपीडी शताब्दी सुपर स्पेशिलटी कांपलेक्स में 11 फरवरी से चल रही थी, वह अब फिर सोमवार से सर सुंदरलाल अस्पताल में ही चलेगी। शनिवार दोपहर में अस्पताल के अधिकारियों, चिकित्सकों की बैठक के बाद शाम को इसका आदेश भी जारी कर दिया गया।
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अस्पताल में मनोचिकित्सा विभाग के सामने बन रही छह मंजिला शताब्दी सुपर स्पेशिलटी कांपलेक्स में 11 फरवरी से आठ विभागों (न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक, इंडोक्राइनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी) की ओपीडी को सुपर स्पेशिलटी कांपलेक्स में चलाए जाने का आदेश जारी हुआ था। तब से यहां ओपीडी चल रही थी। इस बीच शनिवार को चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एके अस्थाना की अध्यक्षता में हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा हुई। बैठक में सुपर स्पेशिलटी कांपलेक्स में चल रही ओपीडी पर हुई चर्चा के बाद यहां चल रही ओपीडी को तत्काल प्रभाव से हटाकर सोमवार से पुराने स्थान पर चलाने का निर्णय लिया गया।
सुपर स्पेशिलटी का निर्माण करा रहे केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने काम पूरा होने की तिथि 31 मार्च 2019 दी है, ऐसे में माना जा रहा है कि अप्रैल महीने से नई व्यवस्था लागू होगी। बैठक में नवागत चिकित्सा अधीक्षक प्रो. एसके माथुर के साथ ही प्रो. बीएन मिश्रा सहित कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
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बीएचयू अस्पताल में नवागत चिकित्सा अधीक्षक प्रो. एसके माथुर ने शनिवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान उन्होंने मरीजों की सुविधाओं को प्राथमिकता बताया। कहा कि अस्पताल में ओपीडी, जांच, पंजीकरण सहित अन्य सुविधाओं की समय-समय पर मानीटरिंग के साथ ही अधिकारियों, चिकित्सकों के सहयोग से सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास होगा।
बीएचयू अस्पताल में स्थायी चिकित्सा अधीक्षक की तैनाती के लिए लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने पूर्व एमएलसी मणिशंकर पांडेय के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधाएं तो मिल गई हैं, लेकिन यहां 50 साल से स्थायी चिकित्सा अधीक्षक नहीं है। इससे अस्पताल की क्षमता, सेवा और विकास बाधित हो रहा है। पासवान ने पीएम से स्थायी नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव को कार्यकारिणी परिषद में रखकर निर्णय कराने की मांग की है।
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