गणतंत्र दिवस पर सास-बहू को सम्मानित करेगा प्रशासन
- पुरस्कृत करने के लिए राज्य-केंद्र को भी भेजेंगे प्रस्ताव: डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। खुद की जान जोखिम में डालकर शनिवार को 19 बच्चों को की जान बचाकर बहादुरी की मिसाल बनी लखनो निवासी सीता शुक्ला और बहू सुमन को सम्मानित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि दोनों को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। दोनों को पुरस्कृत करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।
दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधि ने दोनों महिलाओं के घरवालों की सुध नहीं ली है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में जिंदगी की जंग लड़ रहे नौनिहालों के घरवालों को सांत्वना देेने के लिए क्षेत्रीय विधायक अस्पताल भी नहीं पहुंचे। इससे महिलाओं के परिवारवालों में नाराजगी है। सीता शुक्ला के पति जयशंकर शुक्ला कहते हैं कि उनके घर की महिलाओं के साहसपूर्ण कार्य के बाद भी जनप्रतिनिधि ने उनका हाल जानने की कोशिश नहीं की।
शनिवार को जानकारी मिलने पर ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र जिला अस्पताल पहुंचे और बेहतर चिकित्सकीय व्यवस्था करने के लिए कहा। दूसरी ओर दिल्ली में पार्टी की बैठक छोड़कर भदोही विधायक रवींद्र त्रिपाठी और सांसद वीरेंद्र सिंह ने बीएचयू अस्पताल जाकर उनका हालचाल लिया था।
10 लाख मुआवजा और राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार की मांग
पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र ने सीता देवी के साहस की सरहना करते हुए उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने मांग की। मंगलवार को बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच कहा कि सीता देवी को 10 लाख का मुआवजा और राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए।