वाराणसी। बीएचयू स्थित भोजपुरी अध्ययन केंद्र ने हाईटेक तकनीक के जरिये भोजपुरी को सशक्त बनाने की योजना तैयार की है। प्रोजेक्टर के जरिये पढ़ाई और वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। साथ ही केंद्र से अप्रवासी भारतीयों को जोड़ने के साथ ही भोजपुरी में दूसरी भाषाओं के साहित्य का अनुवाद कराया जाएगा।
तकनीक के जरिये भोजपुरी से नई पीढ़ी को परिचित कराने और इसमें नयापन लाने के उद्देश्य से भोजपुरी अध्ययन केंद्र कई कदम उठाएगा। यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोजेक्टर और वीडियो कांफ्रेंसिंग जैसी तकनीकी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। साथ ही विभिन्न देशों में रह रहे भोजपुरी भाषी लोगों को केंद्र से जोड़ा जाएगा। छात्र-छात्राएं इन प्रवासी भारतीयों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद भी कर सकेंगे। इतना ही नहीं, अंग्रेजी, उर्दू और हिंदी साहित्य का भोजपुरी भाषा में अनुवाद भी कराया जाएगा। केंद्र की इस पहल से भोजपुरी को नई दिशा तो मिलेगी ही, साथ ही भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए चल रहे आंदोलन को भी बल मिलेगा।