वाराणसी। जीवन रक्षक दवाओं के साथ ही पिज्जा और लजीज मिठाइयों का स्वाद पहले से कम पैसे में मिल सकेगा। इसका कारण इन पर जीएसटी कम होना है। पिज्जा ब्रेड, कंडस्ड मिल्क, फ्रोजन सब्जियां, जीवन रक्षक दवाइयां और मिठाइयों को पांच प्रतिशत कर स्लैब में रखा गया है। चीनी, चाय, कॉफी और खाने का तेल भी इसी स्लैब में है। अब तक इन पर नौ प्रतिशत टैक्स लगता था।
रिफाइंड शुगर, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, पेस्ट्रीज और केक, प्रिजर्व्ड वेजिटेबल्स, जैम, सॉस, सूप, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड मिक्सेज, मिनरल वॉटर, टिशू, लिफाफे, स्टील उत्पाद, प्रिंटेड सर्किट्स, कैमरा, स्पीकर और मॉनिटर्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। 12 प्रतिश टैक्स स्लैब में फ्रोजन मीट, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाइयां, अगरबत्ती, छाता, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग है। एसी और फ्रिज के अलावा च्विंगम, चॉकलेट्स, कस्टर्ड पाउडर और चॉकलेट निर्मित पदार्थ 28 प्रतिशत टैक्स स्लैब में आएंगे।
स्पोर्ट्स पर अधिक जीएसटी का विरोध
खेल सामग्रियों पर जीएसटी की दरों का स्पोर्ट्स डीलर विरोध कर रहे हैं। अभी तक खेल सामग्रियों पर वैट जीरो प्रतिशत और व्यायाम उपकरणों पर 14.5 फीसदी था। अब इसे 12 से 28 प्रतिशत तक कर दिया गया है। डीलर एसोसिएशन के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना इस क्षेत्र के लोगों से विमर्श किए अधिक जीएसटी दर निर्धारित करना गलत है। सरकार से दर कम करने की अपील की है। इसके लिए विद्यार्थी और युवाओं के विकास की दुहाई दी है। एसोसिएशन ने कहा कि स्पोर्ट्स वस्तुएं महंगी होंगी तो वे खिलाड़ियों से और दूर होंगी। इससे कोई विशेष राजस्व प्राप्त नहीं होता है, न होगा। वाराणसी स्पोर्ट्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवानंद सिंह, सचिव रमेश कालिया, सहसचिव रमन गुलाटी, संदीप गुप्ता, मोहन नवलानी, उमेश वर्मा ने इन वस्तुओं पर पांच प्रतिशत कर रखने की मांग की है।