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पौने दो करोड़ की रिकवरी से मिली मोहलत

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ज्ञानपुर। प्रशासनिक स्तर पर रोक के बाद भी यूनिफॉर्म वितरण करने वाली फर्मों को करीब पौने दो करोड़ रुपये के भुगतान के मामले में जिले के 545 प्रधानाध्यापकों को पांच जुलाई तक मोहलत मिल गई है। शिक्षा विभाग के आग्रह पर डीएम ने पांच जुलाई तक पैसा जमा करने के लिए निर्देशित किया। पूर्व में 16 जून तक सर्व शिक्षा अभियान के खाते में पैसे जमा करने के लिए कहा गया था।
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प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को हर साल शासन की ओर से नि:शुल्क दो जोड़ी नया यूनिफॉर्म दिया जाता है। शैक्षिक सत्र 2015-16 में जिले के करीब एक लाख 50 हजार बच्चों को यूनिफॉर्म देने के लिए सात करोड़ रुपये शासन से मिला था। 15 से अधिक फर्मों ने स्कूलों में यूनिफॉर्म वितरित किया। यूनिफॉर्म की गुणवत्ता की जांच के लिए नामित नोडल अफसरों ने जांच की तो खामियां पाई गईं। तत्कालीन जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने भी कई स्कूलों का निरीक्षण कर यूनिफॉर्म की गुणवत्ता को देखा। डीएम ने जांच के बाद फर्मों के 25 फीसदी धन (करीब पौने दो करोड़) के भुगतान पर रोक लगा दी। हालांकि डीएम के स्थानांतरण के बाद खंड शिक्षा अधिकारियों की कृपा से शिक्षकों ने 25 फीसदी रकम का भुगतान कर दिया। इस मामले में सुजातपुर गांव निवासी आदर्श त्रिपाठी ने शिकायत की तो जांच में मामला सही मिला। करीब 545 शिक्षक बिना अनुमति के रकम भुगतान के दोषी मिले। डीएम विशाख जी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित शिक्षकों से धन की वसूली करें। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर 16 जून तक सर्व शिक्षा अभियान के खाते में धनराशि जमा करने का निर्देश दिया था, हालांकि ग्रीष्मकालीन अवकाश होने से ज्यादातर शिक्षक छुट्टियां मना रहे हैं। शिक्षकों के न रहने से बीएसए ने जिलाधिकारी से समय बढ़ाने का आग्रह किया। डीएम ने स्कूल खुलने के बाद पांच जुलाई तक रकम जमा करने के लिए कहा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों को पांच जुलाई तक पैसा जमा करने के लिए कहा गया है।
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