आजमगढ़। तहसील सदर में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का मंडलायुक्त विवेक और डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौंरान 12 अधिकारी अनुपस्थित मिले। मंडलायुक्त ने सभी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं तहसील समाधान दिवस में 53 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें छह का मौके पर ही निस्तारण कराया गया।
अनुपस्थित अधिकारियों में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र, खंड शिक्षा अधिकारी रानी की सराय, बीडीओ पल्हनी, बीडीओ रानी की सराय, बीडीओ सठियांव, सहायक विकास अधिकारी कृषि, चकबंदी अधिकारी जहानागंज, चकबंदी अधिकारी सठियांव तथा चकबंदी अधिकारी सगड़ी शामिल थे।
मामलों की सुनवाई में परसूपुर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि गांव की नवीन परती पर अवैध अतिक्रमण है। उसे अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश न्यायालय ने दिया है। लेकिन उक्त भूमि को अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया गया। मंडलायुक्त ने नाराजगी जाहिर करते एसडीएम सदर नरेंद्र कुमार गंगवार को लेखपाल की भूमिका की जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया। मुबारकपुर के एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसने अपने तीन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र के लिए फरवरी में आवेदन किया, जिस पर उपजिलाधिकारी, सदर ने ईओ मुबारकपुर से रिपोर्ट मांगी। कई बार नगर पालिका कार्यालय से संपर्क किया, लेकिन कई माह बाद भी नगर पालिका परिषद मुबारकपुर से कोई रिपोर्ट नहीं भेजी गई। मंडलायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए उपलिाधिकारी सदर को मामले की जॉंच कर तीन दिन के अंदर आख्या देने को कहा। मंडलायुक्त ने गत मई माह से प्रकरण लंबित मिलने पर नाराजगी व्यक्त किया। एसडीएम को त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया।