वाराणसी। एआरटीओ प्रशासन अमित राजन राय, आरआई ओमप्रकाश तिवारी, लिपिक विनोद श्रीवास्तव और इंडियन ओवरसीज बैंक के क्षेत्रीय मुख्य प्रबंधक विप्लव कुमार कुंडू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश कैंट थानाध्यक्ष को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दिया है। यह आदेश टकटकपुर निवासी अंशुमान सिंह के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने दिया है।
शिकायतकर्ता अंशुमान का आरोप है कि 2013 में उन्होंने इंडियन ओवरसीज बैंक की अर्दली बाजार शाखा से लोन लेकर ट्रक का पंजीयन परिवहन विभाग से पंजीयन कराया था। इसी बीच पिता को हार्ट अटैक आने पर इलाज के लिए नई दिल्ली चले गए। इसके चलते बैंक की कुछ किश्त समय से जमा नहीं हो पाई। अंशुमान ने बैंक प्रबंधन से किश्त जमा करने के लिए समय मांगा। आरोप है कि बैंक ने समय नहीं दिया और उसके कर्मचारी राबर्ट्सगंज में ड्राइवर को मारपीट कर ट्रक छीन ले गए। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराने के बावजूद बैंक प्रबंधक ने निजी लाभ के लिए ट्रक को बेच दिया। परिवहन विभाग से अनुरोध किए जाने के बावजूद ट्रक का स्थानांतरण दूसरे के नाम से कर दिया गया। नौ मई 2017 को परिवहन विभाग में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। अंशुमान ने अदालत से याचना की कि बैंक प्रबंधक और आरटीओ के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराई जाए।