वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना में गुरुवार को भी कुल आठ लोगों ने अपने दुकान और मकान की चाबी सौंप कर मंदिर प्रशासन से विस्थापन की राशि प्राप्त की। वहीं जिन भवनों को पहले खरीदा गया है उनको तोड़ने का काम भी गुरुवार से तेज हो गया। इसको लेकर दो द्वार छत्ता द्वार और सरस्वती फाटक को बंद कर दिया गया।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गंगा घाट तक होने वाले मंदिर विस्तारीकरण योजना को धरातल पर लाने के लिए अधिकारी दिन रात लगे हुए हैं। कॉरिडोर निर्माण के लिए वहां के दुकानदारों, भवन स्वामियों और किराएदारों से प्रतिदिन वार्ता कर उनसे सहमति ले रहे हैं। इसके बाद अधिकारी राजीनामे से उनके दुकान और मकान की चाबी ले रहे हैं। शासन की ओर से तय किए गए नियम और आपसी सहमति के अनुसार मुआवजा भी ले रहे हैं। गुरुवार को भी मंदिर प्रशासन को कुल आठ भवनों और दुकानों को खरीदने में सफलता मिली। इसमें तीन मकान और पांच दुकान शामिल हैं। इन सभी लोगों ने गुरुवार को कमिश्नर को चाबी सौंपकर अपनी राशि का चेक प्राप्त किया। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि कॉरिडोर निर्माण को लेकर निरंतर प्रगति जारी है। आठ दुकान और मकानों के खरीदने के अलावा एक रजिस्ट्री भी गुरुवार को हुई है।