बरसठी। क्षेत्र के बनकट (मझलाडीह) गांव में आजकल बुखार से कई लोग पीड़ित हैं। सभी लोगों का इलाज अलग अलग प्राइवेट चिकित्सालय में हो रहा है। गांव वालों का कहना है कि दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। जिससे वे भयभीत हैं।
क्षेत्र के बनकट (मझलाडीह) गांव में पिछले पखवारे से एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। जिसमें पंद्रह दिन पूर्व वंदना देवी (38) पत्नी सुरेंद्र दुबे की इलाज के दौरान डेंगू बुखार होने से मौत भी हो चुकी है। परिजनों को डाक्टरों ने इसे डेंगू बुखार बताया था। इसके बाद गांव के मझलाडीह बस्ती में एक एक कर के काफी लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। लोग इलाज के लिए प्राईवेट चिकित्सालय का सहारा ले रहे हैं। गांव के पंकज दुबे ने बताया कि इस बस्ती के बीचों बीच तालाब है। जिसकी सफाई नहीं हुई है। गंदा पानी के कारण बस्ती के लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। गांव में दवा की छिड़काव नहीं हो रहा है। बुखार से शुभम दुबे (18), विकास गौड (18) , विजय प्रकाश (50), रणजीत (35), युवराज (5 ), राजेन्द्र प्रसाद (50), अनिता (30) पत्नी , संगीता (40), दृरिका (60) , रितू (5) , आयुषी (3) , काजल (16) बुखार से पीड़ित हैं। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग से इस गांव में दवा का छिड़काव नहीं कराया गया। लोग बेहतर प्राइवेट चिकित्सालय सुरियावां में इलाज करवा रहे हैं। गांव वालों की मांग है कि दवा की छिड़काव तत्काल करवाया जाए, जिससे लोग इससे बचा सके। बरसठी चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय सिंह ने कहा कि गांव में कोई भी डेंगू से मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य केंद्र पर गांव के लोग इलाज कराने नहीं आये। फिर भी लोग बुखार से पीड़ित है तो हमारी टीम जाकर जांच कर सुरक्षित उपचार करेगी। दवा का छिड़काव कराया जाएगा।