वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम लालचद्र की अदालत ने निकाह के एक साल बाद पत्नी को अपने साथी के जरिये बुलवाकर दुराचार करने के मामले में पति और उसके साथी आलम उर्फ जाने आलम को दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने पति पर 80 हजार और साथी आलम को एक लाख का अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस धनराशि में से एक लाख पचास हजार पीड़िता को दिया जाएगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक लोहता थाने के इस मामले में घटना से एक वर्ष पूर्व पीड़िता की नाबालिग रहने के दौरान अभियुक्त के साथ शादी हुई थी। पीड़िता 11 मार्च 2013 को मां के साथ मायके गई थी इसकी जानकारी पति को थी। उसने सास से पत्नी को मिलाने के लिए ऑटो से साथी आलम को भेजकर बुलवाया। 20 मिनट ऑटो चलने के बाद पत्नी ने जब पति के बाबत पूछा तब आलम ने चाकू निकाल कर गले में सटा दिया और मकान में ले जाकर दुराचार किया। साथ ही कहा कि तुम्हारे पति ने ही अपहरण कर दुराचार करने को कहा है और पैसा भी दिया है। 14 मार्च तक वह पीड़िता को वहीं रख कर दुराचार करता रहा।