फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेमियों के लिए आसान नहीं होगी तीसरे पड़ाव की राह0

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। पंचक्रोशी यात्रा के पड़ावों पर दुर्व्यवस्था का आलम चरम पर है। पुण्य लाभ की इच्छा रखने वाले नेमियों के लिए इस बार की यात्रा की राह आसान नहीं होगी। दूसरे पड़ाव भीमचंडी से रामेश्वर की यात्रा के दौरान रास्ते उबड़-खाबड़ हैं, जगह-जगह पत्थर बिखरे पड़े हैं। यात्रा के दौरान बरसात हो जाए तो सिर छिपाने को कहीं शेल्टर (छादक) नहीं है। रास्ते में पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है। धर्मशालाओं का हाल तो सबसे ज्यादा खराब है।
विज्ञापन

शनिवार को दूसरे पड़ाव से तीसरे पड़ाव रामेश्वर के बीच 23 किलोमीटर की पड़ताल की गई। इस दौरान जो नजारा दिखा उससे तो यही समझ आया कि भीमचंडी से रामेश्वर की यात्रा की राह में कई रोड़े हैं। जंसा स्थित भैरवनाथ मंदिर पर भी यात्रियों के ठहरने के इंतजाम नहीं है। मंदिर स्थित भैरव तालाब भी उपेक्षा का शिकार है। दूसरे पड़ाव से तीसरे पड़ाव के मध्य राजातालाब से रामेश्वर जाने वाली सड़क पर कई जगह गिट्टियां पड़ी हुई हैं जिससे यात्रियों के चुटहिल होने की आशंका है। आगे बढ़ने पर जंसा बाजार के पास कालनाथेश्वर मंदिर, नर्मदेश्वर मंदिर और भाउपुर देहली विनायक मंदिर हैं जहां प्रकाश, साफ-सफाई और पेयजल का अभाव है।
रामेश्वर में यात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए आठ धर्मशालाएं हैं। इसमें एक में तो पिछले 26 वर्षों से पुलिस चौकी का संचालन किया जा रहा है जबकि हाथी धर्मशाला और तेलिया धर्मशाला जर्जर हो चुके हैं। बिड़ला धर्मशाला की स्थिति भी बेहतर नहीं है। बिजली व्यवस्था का भी हाल ठीक नहीं है। मेडिकल सुविधा का भी पुरसाहाल नहीं है। मंदिर परिसर में पेयजल व्यवस्था और शुलभ शौचालय की स्थिति भी बदतर है। यात्रा के दौरान ग्राम सभा द्वारा प्रकाश की हर साल व्यवस्था की जाती है। मंदिर के महंत राममूर्ति दास उर्फ मद्रासी बाबा ने महिला जल पुलिस, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। क्षेत्र के लोगों ने भी प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें