वाराणसी। दीवानी कचहरी परिसर में एक अधिवक्ता के चेंबर में एक युवती का धर्म परिवर्तित कराकर विवाह कराने का मामला शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। मामले को लेकर अधिवक्ता हंगामा शुरू कर दिए। इसके साथ ही जिस अधिवक्ता के चेंबर में विवाह कराया जा रहा था उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की जाने लगी। मामले को लेकर शनिवार को सेंट्रल और बनारस बार की संयुक्त बैठक आहुत की गई है। बैठक में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, मामले को लेकर खुफिया इकाइयां सतर्क हो गई हैं और इनपुट जुटाया जा रहा है।
सेंट्रल बार के महामंत्री संजय सिंह दाढ़ी को अधिवक्ता उपेंद्र नारायण सिंह और अनुराग पांडेय द्वारा सौंपे गए दो अलग-अलग प्रस्ताव में अधिवक्ताओं ने कहा कि तीन मई की शाम साढ़े छह बजे सेंट्रल बार के एक अधिवक्ता के चेंबर में कोतवाली क्षेत्र की एक युवती का धर्म परिवर्तन कराया गया। इसके बाद तीन अधिवक्ताओं और दो महिलाओं की मौजूदगी में युवती का विवाह कराया गया और धर्म विशेष पर अशोभनीय टिप्पणी की गई। इस कार्य का प्रस्तावक ने विरोध किया तो विवाह कराने वाले कचहरी परिसर से बाहर चले गए। प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं की मांग है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। इस वजह से विवाह कराने वाले अधिवक्ता के चेंबर का आवंटन रद्द हो। विवाह कराने में शामिल रहे लोगों को कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। उधर, मामले को लेकर विवाह कराने वाले अधिवक्ता के चेंबर का अधिवक्ताओं ने घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय सहित अन्य अधिवक्ताओं ने आक्रोशित अधिवक्ताओं को समझाबुझाकर शांत कराया।