वाराणसी। सांस्कृतिक संकुल में नगर निगम की बैठक के दौरान महापौर से दुर्व्यवहार, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपी सात पार्षदों और एक पूर्व पार्षद के खिलाफ सीजेएम जेपी यादव की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। कैंट पुलिस ने पार्षद सीताराम केसरी, कमल पटेल, अजीत सिंह, अंकित यादव, प्रशांत सिंह पिंकू, बेलाल अहमद, मनोज कुमार यादव और पूर्व पार्षद अरशद उर्फ लड्डू के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए अदालत से अपील की थी।
गौरतलब है कि नगर निगम में भाजपा पार्षद दल के नेता राजेश कुमार जायसवाल ने 24 मार्च 2018 को कैंट थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि 24 मार्च को सांस्कृतिक संकुल में मिनी सदन की बैठक चल रही थी। उसी दौरान बैठक में मौजूद कुछ विपक्षी पार्षद और उनके सहयोगियों ने महापौर की टेबल कुर्सी और आसपास की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। दुर्व्यवहार करने के साथ महापौर की सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ और गालीगलौज की। सांस्कृतिक संकुल भवन से तेलियाबाग चौराहा तक हमले का प्रयास किया। इस दौरान बीचबचाव करने पहुंचे सरकारी स्टाफ और पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई। इस मामले में पुलिस ने राजेश जायसवाल और नगर निगम प्रशासन की तहरीर पर अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज किए थे। कुल 12 नामजद और अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें पूर्व में गिरफ्तार पांच आरोपियों की जमानत हो चुकी है। बाकी आरोपियों के बारे में गुरुवार को कैंट पुलिस की ओर से अदालत में दलील दी गई कि इनकी गिरफ्तारी के लिए इनके आवास और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। अदालत ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।