वाराणसी। अपनी मांगों को लेकर नगर निगम के कर्मचारियों ने गुरुवार को नगर निगम परिसर में धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करनेे की मांग की। उन्होंने नगर निगम में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर आरोप कई आरोप लगाए।
काशी नगर निगम कर्मचारी संघ के सदस्यों ने निगम प्रशासन पर आरोप लगाया कि मिली भगत से यहां पदोन्नति की जा रही है। कई लोग प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर धन उगाही कर रहे हैं। यही नहीं कई जांचे हैं, जो काफी दिनों से लंबित है। इसके अलावा कर्मचारियों की कई समस्याएं हैं, जिसको दूर नहीं कियजा रहा है। समस्यओं को दूर करने के लिए दो अप्रैल को संयुक्त नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया और उसे दूर करने की मांग की गई, लेकिन मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया। इससे नाराज होकर पांच अप्रैल से 7 अप्रैल तक परिसर में धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर मांग पूरी नहीं र्हुई तो 11 अप्रैल से 13 अप्रैल तक क्रमिक अनशन किया जाएगा। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो 23 अप्रैल से सत्याग्रह होगा। इस पूरे आन्दोलन की जिम्मेदारी नगरनिगम प्रशासन की होगी। इस मौके पर अध्यक्ष रविन्द्र नारायण उपाध्याय, महामंत्री ओम प्रकाश नायक, अमर नाथ मिश्र, विश्वनाथ लाल श्रीवास्तव, अनिल कुमार सोनकर, विनोद चौबे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।