बीएचयू में सितंबर महीने में छात्रा से छेड़छाड़ और इसके विरोध में धरना दे रही छात्राओं पर लाठीचार्ज के मामले में एक रिपोर्ट को सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। बीएचयू परिसर में इस पर खूब चर्चा हो रही है। हालांकि वायरल रिपोर्ट के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी न तो पुष्टि कर रहे हैं और न ही इससे इन्कार कर रहे हैं। पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने इलाहाबाद में हमारे संवाददाता से हुई बातचीत में वायरल हुई खबर से अनभिज्ञता जाहिर की है।
रिपोर्ट पीएम नरेंद्र मोदी के 12 मार्च के आगमन से पहले वायरल की गई है। छेड़छाड़ और लाठीचार्ज का मामला भी पीएम मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र के सितंबर में आगमन के दौरान हुआ था। घटना के बाद पीएम मोदी का बनारस का यह पहला दौरा होगा। कहा जा रहा है कि रिपोर्ट को विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने वायरल किया है। हालांकि इसके निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं फिर भी इसे पीएम मोदी के आगमन पहले मामले को फिर से हवा देेने की मंशा माना जा रहा है।
बीएचयू परिसर में 21 सितंबर को छात्रा से छेड़खानी, फिर अगले दिन सुबह से छात्राओं का सिंह द्वार पर धरना और 23 सितंबर की रात में लाठीचार्ज की घटना पूरे देश में सुर्खियां बन गई थी। मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय और पीएमओ से भी शिकायत हुई थी। मामले के तूल पकड़ने पर पर पांच अलग-अलग कमेटी गठित की गई थीं। घटना के पांच महीने बाद भी अब तक किसी कमेटी की अधिकृत रिपोर्ट सामने नहीं आई है। नतीजतन, पूरे मामले में जवाबदेही तय नहीं हो पाई है। घटना के बाद दो अक्तूबर को कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी छुट्टी पर भेज दिए गए थे। 26 नवंबर 2017 को उनका कार्यकाल पूरा हो गया। तब से अब तक विश्वविद्यालय को नया कुलपति भी नहीं मिल सका है।