भदोही। जीवन में अनुशासन हो तो मुश्किलें आसान बन जाती हैं। शिक्षा हो, खेल हो या यातायात एक सफल व्यक्ति को सभी में कड़े अनुशासन से होकर गुजरना पड़ता है। सफल होना है तो अनुशासन में रहकर ही सफलता हासिल की जा सकती है। ये बातें गुरुवार को भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के निदेशक प्रो.केके गोस्वामी ने छात्र-छात्राओं से कहीं।
गत दिनों दुर्घटना में संस्थान के दो छात्रों की मौत के बाद छात्रों के साथ साथ संस्थान स्टाफ भी मर्माहत है। इसको लेकर छात्रों में अनुशासन का पाठ पढ़ाने के लिए संस्थान में आयोजित एसेंबली में निदेशक ने कहा कि नियम कानून का पालन करने में किसी को भागना नहीं चाहिए। यह सफल व्यक्ति की पहचान है। कहा कि हेल्मेट हमारी रक्षा करता है इसके बाद भी हम हेल्मेट पहने से बचते हैं। यातायात नियमों का पालन करना हो समयबद्ध ढंग से क्लास लेना या खेलना सब मायने रखता है। अनुशासन को स्वतंत्रता से जीवन की तमाम कठिनाइयों से लड़ा जा सकता है।इस मौके पर सभी छात्रों ने संकल्प लिया कि संस्थान के अंदर हो या बाहर नियमों कानून का पालन करेंगे। इससे पूर्व छात्रों ने परिसर में रैली निकाली और अनुशासन को पाठ पढ़ाया। अंत में गत दिनों सड़क दुर्घटना में मृत दोनों छात्रों कपिलदेव यादव व सुनील कुमार को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला, प्रो. एसके पाल, प्रो. आरके मलिक, आर कर्माकर, बीसी रे, बीडी गुप्ता, दुर्गेश त्रिपाठी, एसके पांडेय, उमाकांत श्रीवास्तव, सीएस बाजपयी, मुमताज अंसारी, श्रवण कुमार, जयंत देशपांडेय, वसीम अंसारी आदि के अलावा सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल रहे।