वाराणसी। डीजल रेल कारखाना (डीरेका) के कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या कर्मचारी परिषद चुनाव की रंजिश और ठेके में वर्चस्व के लिए की गई थी। डीरेका में ठेकेदारी करने वाला हिस्ट्रीशीटर पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय और उसके रिश्तेदार अमित कुमार सिंह उर्फ रिक्कू ने मुकेश पर गोलियां बरसाईं थीं। इस दौरान डब्लू का साढ़ू मटरू और दो शूटर फायरिंग करने वालों को कवर कर रहे थे। 23 जनवरी की रात डीरेका परिसर स्थित आवास के सामने अंधाधुंध गोलियां बरसा कर बिहार के बांका निवासी मुकेश की हत्या कर दी गई थी।
रविवार को इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने रिक्कू को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में प्रयुक्त 9 एमएम की पिस्टल और तीन कारतूस भी बरामद किए गए हैं। डब्लू व उसके भाई रविनारायण उर्फ बबलू, साढ़ू मटरू के अलावा दो अज्ञात की तलाश में दबिश दी जा रही है। डब्लू राय कांग्रेस के एक पूर्व विधायक का करीबी है। उसका भाई रविनारायण उर्फ बबलू डीरेका में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। 2017 में ताराधीश मुकेश ने बबलू को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव पद से हटवा दिया था। इसके बाद दोनों भाइयों से जुड़े कई ठेकों की जांच भी कराई थी।
एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह मुकेश हत्याकांड की तफ्तीश में लगे थे। सर्विलांस, मुकेश के मोबाइल की कॉल डिटेल और वॉयस रिकॉर्डर के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। चिह्नित आरोपियों में एक जलालीपट्टी क्षेत्र के विश्वकर्मा नगर निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ रिक्कू को रविवार को पहाड़ी गेट के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। बबलू और उसके भाई वैष्णोनगर निवासी डब्लू राय मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। डब्लू व उसकी गैंग को सूचीबद्ध करने की भी तैयारी है।