वाराणसी।बीएचयू के बिड़ला और लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल के छात्रों के बीच पत्थरबाजी, आगजनी का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि मंगलवार को एक बार फिर छात्रों ने हंगामा खड़ा कर दिया। पिछले दिनों दृश्य कला संकाय में हुई मारपीट के मामले की जांच करने पहुंची पुलिस टीम को छात्रों ने दौड़ा लिया। इतना ही नहीं पुलिस वालों की बाइक गिरा दी और उनके लिए बाहर रखीं कुर्सियां भी तोड़ डालीं। आरोप है कि इस दौरान छात्रों ने पुलिस के साथ गए बीएफए चतुर्थ वर्ष के छात्र समीर यादव की पिटाई भी की। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने किसी तरह छात्रों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
करीब 15 दिन पहले दृश्य कला संकाय में क्लास में बैठे एक छात्र के साथ मारपीट हुई थी। उस समय मौजूद छात्रों ने लंका पुलिस को दी शिकायत में लिखा था कि बिड़ला हॉस्टल के कुछ छात्र उसे जबरन उठाकर ले गए और वहां पिटाई की। इसी मामले की जांच करने एक दारोगा शिकायत करने वाले छात्र और पुलिसकर्मियों के साथ करीब पांच बजे बिड़ला हॉस्टल पहुंचे। इसी बीच छात्रों ने अफवाह फैला दी कि छात्रों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस हॉस्टल में आई है। इस पर छात्र भड़क गए और दरोगा समेत पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। उधर लंका थानाध्यक्ष को दी तहरीर में समीर ने तीन नामजद और अन्य अज्ञात छात्रों पर जानलेवा हमला करने के साथ ही लूटपाट का आरोप लगाया है।
जांच करने पहुंचे पुलिसकर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी थी। हॉस्टल में घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया गया। -प्रो. ओएन सिंह, चीफ प्रॉक्टर