वाराणसी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर एक बताने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए सोमवार को दिल्ली पुलिस को तहरीर दी गई है। यह तहरीर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्त अजय अग्रवाल ने चाणक्यपुरी थाने में दी है। मंगलवार को वाराणसी में उन्होंने पत्रकारों के समक्ष तहरीर की कॉपी पेश की।
उन्होंने कहा कि यूपी के बस्ती जिले में चुनावी रैली में पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा था कि उनके पिता राजीव गांधी का जीवन काल भ्रष्टाचारी नंबर एक के रूप में समाप्त हुआ। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा प्रयोग किए गए वाक्यों को तहरीर में लिखा है- आपके पिताजी को उनके राजदरबारियों ने मिस्टर क्लीन बता दिया था, गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन चलाया था, लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नंबर एक रूप में उनका जीवन काल समाप्त हो गया। अजय अग्रवाल ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह बोफोर्स मामले के याचिकाकर्ता रहे हैं और किसी न्यायालय ने राजीव गांधी को बोफोर्स घोटाले का दोषी नहीं पाया और उन्हें क्लीन चिट दी थी। तहरीर में कहा है कि इससे पहले नौ अप्रैल और फिर 15 अप्रैल को पीएम मोदी ने राजीव गांधी पर अभद्र टिप्पणी की थी, इसीलिए पहले 10 अप्रैल और फिर 6 मई को उन्हें पत्र लिखकर आगाह किया था कि दिवंगत आत्मा के खिलाफ निकृष्ट भाषा का प्रयोग न करें।
अजय अग्रवाल ने काशी के गंगा स्वच्छता अभियान और नगवां नाले से गंगा की बदहाली पर कहा कि पांच वर्षों में भी गंगा की सूरत नहीं बदली। दावे और वादे बड़े बड़े किए गए, लेकिन जमीन पर कार्य नहीं हुआ। यदि होता तो गंगा की हालत में सुधार होता। एसटीपी बनाकर पीएम ने फोटो तो खिंचवा ली, लेकिन उन्हें पहले यह देखना चाहिए था कि वाराणसी में गंगा में गिरने वाली गंदगी की मात्रा कितनी है और एसटीपी की क्षमता कितनी है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल मीडिया में बयानबाजी करने में मस्त है, लेकिन उसे जनता से कोई सरोकार नहीं है। काशी गंगा तट पर बसी है और जल का स्रोत केवल गंगा है। आज दूषित गंगा का जल पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं।