वाराणसी। भारत में निर्मित पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन से यात्रा करने वाले ‘ए क्लास’ के यात्रियों को कैंट स्टेशन पर ‘थर्ड क्लास’ की सुविधाएं दी जा रही है। जिस प्लेटफार्म पर वंदे भारत एक्सप्रेस आ रही है, उस पर शेड तक नहीं है। बेंच न होने की वजह से यात्रियों को धूप में ही खड़े होकर ट्रेन के दरवाजे खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
रेनोवेशन के लिए स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर लगा शेड महीनों पहले तोड़ दिया गया। प्लेटफार्म पर पहले भी बेंचों न के बराबर थीं। बावजूद इसके वंदे भारत जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार पर ली जा रही है। ट्रेन दोपहर बाद दो बजे आती है। एक घंटे बाद तीन बजे नई दिल्ली के लिए रवाना होती है। नई दिल्ली से आने वाली ट्रेन के यहां पहुंचते ही इलाहाबाद, कानपुर और नई दिल्ली जाने वाले यात्री प्लेटफार्म पर पहुंच जाते हैं। ट्रेन की सफाई व अन्य व्यवस्था किए जाने तक यात्रियों को बाहर खड़े रहना पड़ता है। प्लेटफार्म पर बैठने के लिए यात्रियों को बेंच तक नहीं मिल रही है। यात्री टूटे शेड में ही इधर-उधर दुबके रहते हैं। बच्चे, महिला और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर एक पर भी लिया जा सकता है लेकिन स्थानीय प्रशासन उदासीन बना हुआ है। ट्रेन की शुरुआत हुए डेढ़ महीने से अधिक हो गया है लेकिन इसके प्लेटफार्म के लिए न तो अब तक योजना बनाई गई है और न ही उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है।