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संपति के लालच में सास-ससुर को बनाया बंधक

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वाराणसी। संपत्ति के लालच में पति की मिलीभगत से बहू द्वारा सास-ससुर को महीनों से बंधक बना कर रखने का मामला गुरुवार को मंडुवाडीह पुलिस के सामने आया। आननफानन में पुलिस ने बूढ़े दंपति को मुक्त कराया और आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की छापेमारी की भनक लगते ही पति-पत्नी घर छोड़ कर भाग निकले।
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मंडुवाडीह थानाध्यक्ष संजय त्रिपाठी के सीयूजी व्हाट्स ऐप नंबर पर मेसेज भेज कर किसी ने सूचना दी कि भुल्लनपुर क्षेत्र की बाल्मीकि बस्ती में एक महिला ने महीनों से अपने सास-ससुर को बंधक बना रखा है। मेसेज भेजने वाले ने महिला के घर का पता भी बताया। मेसेज के आधार पर मंडुवाडीह थानाध्यक्ष ने छापेमारी की तो पता लगा कि बुजुर्ग दंपति दुर्गंध युक्त एक अंधेरे कमरे में कैद हैं। पुलिस ने कमरा खुलवा कर दोनों को बाहर निकाला।
थानाध्यक्ष ने पूछताछ की तो बुजुर्ग की शिनाख्त गाजीपुर के दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चित्रकोनी निवासी लालजी यादव (70) और उनकी पत्नी मुनेश्वरी देवी (67) के तौर पर हुई। बुजुर्ग ने बताया कि उनका बड़ा बेटा रामाशीष और बहू सत्ती देवी भुल्लनपुर के बाल्मीकि बस्ती में रहते हैं। सत्ती देवी हमेशा आशंकित रहती है कि गांव के खेत सहित अन्य संपत्तियां छोटे बेटे रामविलास के नाम न कर दें। बीते साल दीपावली के दौरान लालजी और उनकी पत्नी बड़े बेटे के पास आए तो बहू ने एक कैमरे में कैद कर लिया और गांव नहीं जाने दिया। बहू के इस काम में बड़े बेटे की भी रजामंदी थी। छोटा बेटा रामविलास होली में मां-बाप से मिलने आया तो उसे टरका दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि बुजुर्ग का प्राथमिक उपचार करा कर उन्हें रामविलास को सुपुर्द कर दिया गया है। रामविलास की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी दंपति की तलाश की जा रही है।
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