भदोही। नगर की जनता की प्यास बुझाने में नगर पालिका प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। एक लाख की आबादी वाले नगर में प्रतिदिन 15 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन सिर्फ 10 एमएलडी की आपूर्ति हो पा रही है। दो नलकूप और दो ओवरहेड टैंक वर्षों से खराब हैं। वहीं, साल दर साल पानी की मांग बढ़ती जा रही है लेकिन नगर पालिका प्रशासन न तो नलकूप और टंकियों की मरम्मत करा सका और न ही नए संसाधन विकसित कर सका। ऐसे में गर्मी में शहर के लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा।
नगर में पेयजल की मौजूदा व्यवस्था डेढ़ दशक पुरानी है। इस बीच न तो कोई नया नलकूप लगा और न ओवरहंड टैंक की स्थापना हुई। वहीं, नगर पालिका कार्यालय के प्रांगण और दरोपुर में स्थित ओवरहंड टैंक निष्प्रयोज्य हो चुके हैं। काशीपुर, मर्यादपट्टी, मिडिल स्कूल स्टेशन रोड, नगर पालिका व गोपालकुंज रजपूरा, दरोपुर व रामलीला मैदान में लगे सात नलकूपों में से दो खराब हैं। कई मोहल्लों में ओवरहेड टैंक न होने की वजह से नलकूपों से सीधे आपूर्ति की हो रही है। नगर के मामदेवपुर और घमहापुर वार्ड ऐसे हैं, जहां पेयजल पाइप लाइन तक नहीं बिछाई कई।
नगर पालिका की अधिशाषी अधिकारी पूर्णिमा ने बताया कि नगर में कम से कम 15 एमएलडी पानी की दरकार है। इसके लिए 10 ओवरहेड टैंक और 15 नलकूप होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे चार्ज लिए दो महीने हुए हैं। यहां की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना प्राथमिकता है। इसके अलावा शुद्ध जलापूर्ति के लिए भी प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।