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सुरसरि के तटों पर चली ‘मतदान करो’ की लहर

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वाराणसी। उत्तर वाहिनी सुरसरि के घाटों पर शनिवार को काशीवासियों ने नया इतिहास रच दिया। सूर्योदय के साथ ही अस्सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक के करीब चार किमी के दायरे में लोकतंत्र के महापर्व के लिए उत्साह के विविध रंग दिखाई दिए। हाथ से हाथ जोड़कर काशीवासियों ने मानव शृंखला बनाकर मतदान की शपथ ली और समापन में राष्ट्रगान से लोकतंत्र के महापर्व में भागीदारी की प्रतिबद्धता दोहराई। 38 घाटों पर हुई सामूहिक शपथ और राष्ट्रगान में अनुमान के मुताबिक करीब पचास हजार लोगों ने हिस्सेदारी की है।
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अमर उजाला और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल पर ‘गंगा की सौगंध, मतदान करेंगे हम...’ अभियान में भागीदारी करने वाले सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं मतदाता भले ही नहीं थे लेकिन जोश से अपने-अपने अभिभावकों और अन्य मतदाताओं को उनकी जिम्मेदारी का पूरा एहसास करा गए। हाथों में तिरंगे के साथ मतदान को प्रेरित करतीं स्लोगन लिखीं तख्तियों के जरिए उन्होंने काशीवासियों से अपील की कि वे 19 मई के दिन रिकार्ड तोड़ मतदान कराकर काशी के हिस्से एक नई इबारत लिख दें।
अस्सी घाट पर जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने घाटों की सीढ़ियों पर कतारबद्ध खड़े 60 स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों, कारोबारियों, श्रद्धालुओं समाजसेवी संगठनों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों और आम लोगों से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की। भारत माता की जय, हर हर महादेव और जय जय गंगे... के उद्घोष के बीच सौगंध दिलाने के साथ ही सबसे वचन लिया कि वे 19 मई को सुबह सबसे पहला काम मतदान के रूप में करेंगे। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने आश्वस्त किया कि निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान कराना उनके विभाग की जिम्मेदारी है। इसके लिए वह पूरी तरह तैयार हैं।
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इसके बाद सामूहिक राष्ट्रगान शुरू होने पर 52 सेकेंड के लिए जो जहां था वहीं रुक गया और एक स्वर से राष्ट्रगान में अपनी भागीदारी की। इस अवसर पर एडीएम सिटी विजय सिंह, एसपी सिटी दिनेश सिंह, डीआईओएस डॉ. विजय प्रकाश सिंह, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह, स्वीप के नोडल अफसर केके श्रीवास्तव और कोआर्डिनेटर नीलू मिश्रा आदि मंच पर मौजूद रहीं। बाद में डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने अस्सी से दशाश्वमेध तक पैदल यात्रा की। इस दौरान तिरंगे में सजे छात्र-छात्राओं, चित्र उकेरते और रंगोली सजाते कलाकारों के साथ फोटो भी खिंचवाई और उन्हें भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया।
इस बार थोड़ी जिम्मेदारी जरूर बढ़ाएं
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि काशी के लोग सबसे ज्यादा जागरूक हैं। मैंने अकेला शहर देखा है, जहां रात भर लोग जागते हैं। बस, यहां के लोगों में जागरूकता की थोड़ी कमी है। इस बार जिम्मेदारी बढ़ानी है। पिछली बार यहां 58.33 प्रतिशत वोटिंग हुई थी यानी इतने फीसदी लोग जागरूक हैं। जिन 42 प्रतिशत लोगों ने वोट नहीं डाला, उनसे मेरी अपील है कि वो थोड़े और जिम्मेदार बनें। निष्पक्ष और निर्भीक होकर मतदान करें।
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