वाराणसी। निशा से उषाकाल तक चलने वाले संकट मोचन संगीत समारोह के पांचवी निशा में कलाकारों ने हनुमत दरबार में संगीत की साधना की। इसे सुनने के लिए श्रोता भोर तक जमे रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को कथक नृत्य से शुरू हुआ। वाराणसी के एसएसपी की पत्नी काम्या कुलकर्णी ने कथक नृत्य की प्रस्तुति कर सबको भाव विभोर कर दिया। उन्होंने शुरुआत श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन हरण भव भय दारुणम् से की। इसके पश्चात उन्होंने कथक नृत्य की पारंगत नई और पुरानी शैलियों की सुंदर प्रस्तुति की। उनके साथ तबले पर उदय शंकर मिश्र, सितार पर पंडित ध्रुवनथ मिश्र, गायन में संतोष मिश्र और और पढंत में उनके गुरु माता प्रसाद मिश्र ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति मुंबई की कलाकार कंकड़ा बनर्जी ने राग बागेश्री में बड़ा ख्याल ताल झूमर सुनाया। इसके बाद छोटा ख्याल गुनियन आगे शीश निवाऊं सुनाकर भक्ति रस में घोल दिया। समापन राग हंश ध्वनि में पवन पुत्र हनुमान लला तुम सुना कर गायन को विराम दिया। उनके साथ तबले पर सुभाष कांति और हारमोनियम पर जमुना बल्लभ गुजराती ने संगत किया।
तीसरी प्रस्तुति कर्नाटक के गायक डॉ. के बागीश ने सहयोगी के साथ भगवान राम की अराधना की। उन्होंने कर्नाटक शौली में सुंदरकांड और कई भजनों को सुनाया। चौथी प्रस्तुति में सारंगी पर जब जयपुर घराने की सातवीं और आठवीं पीढ़ी ने अपनी प्रस्तुति दी। उस्ताद मोइनुद्दीन खां और उनके पुत्र मोमीन खां सारंगी की शुरुआत राग चंपाकली में बड़ा ख्याल सुनाकर किया। कार्यक्रम का समापन केसरिया बालम आओ पधारो मारे देश सुनाकर किया।