वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी के नाम शोध संस्थान खोला जाएगा। शासन ने इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए आठ लाख रुपये का अनुदान भी स्वीकृत कर दिया है। अटल बिहारी वाजपेयी भाषा, साहित्य एवं पत्रकारिता शोध संस्थान हिंदी विभाग के तहत चलेगा।
काशी विद्यापीठ की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर शोध संस्थान खोले जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें संस्थान के चलाए जाने से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई थी। कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने बुधवार को जारी आदेश में बताया कि पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए शासन ने 25 मार्च को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 28.65 लाख रुपये के अनुदान की स्वीकृति कर दी है। इसमें वाजपेयी शोध संस्थान के अलावा हिंदी विभाग में गोरखनाथ भाषा और साहित्य अध्ययन केंद्र के लिए पांच लाख, विधि संकाय में वाराणसी के कोर्ट में महिला अधिवक्ताओं पर अध्ययन के लिए 5.65 लाख, समाज कार्य विभाग में व्यवहारिक कार्य उच्चानुशीलन केंद्र के लिए पांच लाख और समाजशास्त्र विभाग में इंपावरमेंट ऑफ पीपुल फार होलिस्टक डेवलपमेंट विद स्पेशल रेफरेंस टू वीकर सेक्शन के लिए पांच लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है। उधर, कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के नाम पर शोध संस्थान सहित पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मिलने को बड़ी उपलब्धि बताया है। बता दें कि विद्यापीठ में पूर्व प्रधानमंत्री बाजपेयी के नाम पर खुलने वाला यह संस्थान दूसरा संस्थान होगा। इसके पहले बीएचयू में अटल एक्यूबेशन सेंटर खुला है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। यहां शोध के साथ ही युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।