वाराणसी। पोलियो की तरह ही फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 20 फरवरी से चल रहे ट्रिपल ड्रग थिरेपी (आईडीए) अभियान के तहत अब तक 10 दिन में 20 लाख लोगों को फाइलेेरिया की दवा खिलायी जा चुकी है। शहर और ग्रामीण इलाकों में चलने वाले इस अभियान में जिले में 32 लाख लोगों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में बनारस से शुरू अभियान के तहत लोगों को डीईसी और एल्बेंडाज़ोल की गोली के साथ नई दवा आईवेर्मेक्टिन खिलाई जा रही है, जो हाथी पाँव यानि फाईलेरिया बीमारी फैलने से बचाव का काम करेगी। इसमें आईवेर्मेक्टिन दवा पांच वर्ष से ऊपर सभी बच्चों और वयस्कों को दी जा रही है। डीईसी और एल्बेण्डाज़ोल की गोली दो वर्ष से ऊपर सभी को खिलाई जा रही है। नोडल अधिकारी डॉ. एसएन कनौजिया ने बताया कि यह दवा पूर्ण रुप से सुरक्षित है। दवा खाने के बाद कुछ लोगों में उल्टी होने, बुखार दस्त जैसी समस्या देखी गईं, लेकिन यह सब सामान्य लक्षण होने पर बाद में ठीक भी हो गए। किसी भी प्रकार समस्या से निपटने के लिए एडवर्स कमेटी का गठन किया गया है, जो सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर चिकित्सकीय सुविधा दे रही है। बताया कि 2020 तक प्रदेश को लिंफेटिक फाईलेरियासिस से मुक्त करना लक्ष्य है। अब तक ब्लॉक स्तर पर 19.5 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 13.1 लाख और शहरी इलाकों में 12.6 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 7.1 लाख लोगों को दवा खिलाई जा चुकी है।