वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण द्वितीय लोकेश राय की अदालत ने प्रयागराज के होलागढ़ ब्लॉक के पूर्व बीडीओ अभियुक्त परमेंद्र कुमार पांडेय को तीन साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला ईंट कारोबारी से दस हजार रुपये रिश्वत लेने से जुड़ा है। आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने सजा सुनाई है।
प्रभारी डीजीसी मुन्ना लाल यादव और एडीजीसी रोहित मौर्य के अनुसार प्रयागराज जनपद निवासी राकेश कुमार जायसवाल ईंट-भट्ठा कारोबारी था। उसने वर्ष 2005 में होलागढ़ ब्लॉक में करीब तीन लाख रुपये की ईंट सप्लाई की थी। ब्लॉक कार्यालय से ईंट खरीद का भुगतान होना था। कागजी कार्रवाई पूरी कर भुगतान के लिए तत्कालीन खंड विकास अधिकारी परमेंद्र कुमार पांडेय से कारोबारी मिला। भुगतान के एवज में खंड विकास अधिकारी ने उससे दस हजार रुपये रिश्वत की मांग की। राकेश ने रिश्वत देने की बजाय सतर्कता अधिष्ठान प्रयागराज के पुलिस अधीक्षक से 25 सितंबर 2006 को लिखित शिकायत की। शिकायत की पुष्टि होने के पश्चात सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ खंड विकास अधिकारी को गिरफ्तार करने की योजना बनाई। इस बीच खंड विकास अधिकारी द्वारा राकेश जायसवाल से उक्त रुपयों की मांग की गई। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने 30 सितंबर 2006 को विकास भवन परिसर में राकेश से दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए खंड विकास अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।