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ड्रॉ-बैक के लाभ पर जीएसटी रिफंड नहीं

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भदोही। अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) की ओर से कालीन भवन में शनिवार को आयोजित कार्यशाला में जीएसटी आयुक्त इलाहाबाद पीएन तिवारी ने कहा है कि कालीन निर्यातकों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का केवल एसजीएसटी ही रिफंड होगा। जिस महीने में जीएसटी भरा जाएगा, यदि उस महीने में कोई बिक्री नहीं होगी तो रिफंड क्लेम नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कालीन निर्यातक इस संबंध में अपना प्रतिनिधित्व जीएसटी काउंसिल को देने के लिए स्वतंत्र हैं।
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आयुक्त ने कहा कि सरकार ने निर्यातकों की मांग पर बढ़ी ड्रॉ-बैक दरें सितंबर तक जारी की थी। इसको देखते हुए जीएसटी काउंसिल के निर्देशों के तहत सितंबर तक किसी निर्यातक को जीएसटी रिफंड देय नहीं है। कहा कि गैर निर्यातकों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी, क्योंकि उन्होंने ड्रॉ-बैक का लाभ नहीं उठाया है। कहा सितंबर के बाद के इनपुट टैक्स क्रेडिट व्यवस्था को भी समझने की जरूरत है। यदि किसी महीने में खरीद की गई हो और जीएसटी का भुगतान किया हो तो उस माह में बिक्री करने पर ही जीएसटी रिफंट क्लेम कर सकेंगे। इस पर एकमा पदाधिकारियों ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो कालीन निर्यातकों के करोड़ों रुपये डूब जाएंगे, जो कालीन उद्योग के लिए अच्छा नहीं होगा।
मानद सचिव, पीयूष बरनवाल ने कहा कि जिस महीने में खरीद हुई हो उसी महीने में बिक्री का सामंजस्य कालीन उद्योग में नहीं बन सकता। क्योंकि कालीन का कच्चा माल क्रय करने के कई महीने में माल तैयार होता है। यदि ऐसा हुआ तो इंडस्ट्री का भारी नुकसान होगा। जीएसटी आयुक्त ने इस पर कहा कि यदि कालीन उद्यमी चाहें तो काउंसिल अथवा सरकार के समक्ष प्रतिनिधित्व दे सकते हैं। संयुक्त आयुक्त जीएसटी मिर्जापुर ओपी सिंह, संयुक्त आयुक्त अधिशासी मीरजापुर राजकुमार, सहायक आयुक्त जीएसटी भदोही संजय सिंह, उपायुक्त जीएसटी भदोही विमल कुमार ने भी संबोधित किया। अध्यक्षा एकमाध्यक्ष गुलाम सरफुद्दीन अंसारी ने किया। शमीम आलम लल्लन, रवि पटोदिया, सूर्यमणि तिवारी, भरतलाल मौर्य, अशफाक अंसारी, रुपेश बरनवाल, हाजी अब्दुल सत्तार, हाजी शाहिद हुसैन, पीसी जायसवाल,ि हाजी अब्दुल बारी, जेपी गुप्ता, सैय्याज अंसारी, एचएन मौर्य, आरके बोथरा, सीए केपी दूबे, आरिफ खां, राधेश्याम गुप्ता, विमल बरनवाल, अंकुश ठुकराल, कुणाल गुप्ता, नीरज बरनवाल, आरपी जायसवाल, सुजीत जायसवाल आदि रहे।
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