हरहुआ। विकास खंड हरहुआ की ब्लॉक प्रमुख अर्चना मौर्य के खिलाफ गुरुवार को जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा गया। बीडीसी डॉ. संतोष पटेल ने दावा किया कि 81 बीडीसी ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया है। हालांकि खंड विकास अधिकारी श्वेतांक सिंह ने इस संबंध में पूरी तरह से अनभिज्ञता जताई। वहीं, अविश्वास प्रस्ताव का मामला सार्वजनिक होते ही ब्लॉक में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
पिछले ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान 136 मतों के सापेक्ष अर्चना पटेल 86 मत पाकर निर्वाचित हुई थीं जबकि डॉ. संतोष पटेल को 48 मत मिले थे। दो मत नहीं पड़े थे। डॉ. संतोष पटेल ने बताया कि 40 प्रतिशत सामान्य, 40 प्रतिशत ओबीसी और 20 प्रतिशत एससी-एसटी बीडीसी ने अविश्वास प्रस्ताव के कागज पर हस्ताक्षर किया है।
अर्चना मौर्या पूरी तरह से मनमानी कर रही हैं और हाल यह है कि बीते 14 महीने में सिर्फ एक बैठक हुई। बताया कि इसके पहले 28 अक्तूबर 2017 को भी अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था लेकिन प्रावधानों का हवाला देकर जिलाधिकारी ने कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद 15 दिसंबर 2017 को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। बीते पांच जनवरी को उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई कर आदेश पारित किया तो अब अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा रहा है।
उधर, इस संबंध में ब्लॉक प्रमुख अर्चना मौर्य ने बताया कि फर्जी तरीके से बीडीसी के दस्तखत कर जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव संबंधी कागजात सौंपा होगा। कोई भी बीडीसी उनसे असंतुष्ट या उनके खिलाफ नहीं हैं। जिस तरीके से डॉ. संतोष पटेल बार-बार परेशान कर रहे हैं उनके खिलाफ अधिकारियोें को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।