वाराणसी। काशी से काबा की हज की उड़ान पहले की ही तरह यथावत रहेगी। पूर्वांचल के 16 जिलों के जाइरीन पहले की तरह वाराणसी इंबार्केशन से उड़ान भरेंगे। यह जानकारी सेंट्रल हज कमेटी के सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने बुधवार को सिगरा स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि ‘हजयात्रा 2018’ के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन कुछ लोगों में अब भी ये भ्रम है कि वो वाराणसी इबार्केशन प्वाइंट से जाएंगे या नहीं। उन्होंने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया के सदस्यों के भारी विरोध के बाद हज रिव्यू कमेटी के नए प्रस्तावों एवं सुझावों को न मानते हुए सरकार ने पहले की ही तरह जाइरीन को सभी सहूलियत देने का निर्णय लिया है। बताया कि 70 साल के ऊपर के जाइरीन की लॉटरी नहीं की जाएगी और उनके साथ सहयोगी के रूप में पहले की तरह ही एक अटेंडेंट जा सकेंगे। ग्रीन और अजीजिया दोनों कैटेगरी में जाइरीन के ठहरने का इंतजाम मक्का और मदीना दोनों जगह रहेगा। एक कमरे में चार से अधिक जाइरीन के न ठहरने के नियम के चलते एक कवर में अधिकतम चार लोगों को ही शामिल किया जा रहा है। हज के दौरान होने वाली कुर्बानी का विकल्प भी पहले की तरह रहेगा। उन्होंने बताया कि जाइरीन को आधार कार्ड से भी जोड़ने की कवायद की जा रही है। बताया कि पहली बार एक साथ 45 साल से ऊपर की चार महिलाओं को बिना मेहरम के जाने की इजाजत दी गई है।