वाराणसी। जिले में तैनात तकरीबन चार हजार पुलिस कर्मियों में अपनी संपत्ति का ब्यौरा न देने वाले 1053 पुलिस कर्मियों का वेतन रोके जाने के बाद अब एक और सख्त कार्रवाई की तैयारी है। यह कार्रवाई उन पुलिस कर्मियों पर की जाएगी, जिन्होंने अपनी आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित कर ली है। अपना ब्यौरा दे चुके 122 पुलिस कर्मियों की घोषित संपत्ति प्रथम दृष्टया उनकी आय से अधिक पाई गई है। ऐसे पुलिस कर्मी शासन के रडार पर हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो इनमें कई ऐसे हैं जिन्होंने आय का कोई अतिरिक्त स्रोत न होने के बावजूद महानगर में घर-प्लाट के साथ ही एसयूवी जैसे महंगे वाहन खरीदे हैं। कार्रवाई की भनक लगने के बाद से पुलिस कर्मियों में खलबली मची है।
शासन के निर्देशानुसार जिले में तैनात पुलिसकर्मियों से उनकी चल और अचल संपत्ति का विवरण मांगा जा रहा है। बार-बार ताकीद के बावजूद अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध न कराने वाले 1053 पुलिसकर्मियों की तनख्वाह अगस्त महीने से रोक दी गई है। अपना ब्यौरा देने पुलिस कर्मियों में आय से अधिक संपत्ति के मामले में चिह्नित 122 पुलिस कर्मियों में सिपाही, दरोगा, इंस्पेक्टर और डिप्टी एसपी शामिल हैं। इस बारे में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि प्राथमिकता के तौर पर सभी पुलिसकर्मी अपने चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध करा दें, इसके लिए चेताया भी जा रहा है। जिस किसी भी पुलिसकर्मी की आय और अर्जित संपत्ति को लेकर संशय की स्थिति होगी, उसकी जांच और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शासन स्तर से होगी।