वाराणसी। चिलचिलाती धूप और उमस से अब राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। वजह, मानसून अब हिमालय की ओर खिसक गया है। इसके चलते पूर्वांचल में अच्छी बारिश के आसार काफी कम है। उत्तराखंड, हिमाचल और नेपाल में बारिश के संभावना है लेकिन इधर अब भारी बारिश की कम ही उम्मीद है।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार छह सितंबर के बाद बारिश के आसार हैं। इसके बीच हीटिंग के चलते पूर्वांचल में छिटपुट बारिश की संभावना है। उन्होंने बताया कि पिछले साल एक से 31 अगस्त के बीच 310 मिमी बारिश हुई थी लेकिन इस बार तो 100 मिमी से भी कम पानी बरसा है। यही स्थिति रही तो पूर्वांचल में सूखे की स्थिति बन जाएगी। पछुआ हवा चलने से मानसून का पश्चिमी सिरा हिमालय और पूर्वी सिरा भागलपुर की ओर बढ़ गया है। बंगाल की खाड़ी में नमी नहीं बन पाने के कारण बारिश नहीं हो रही है। अरब सागर में मानसून की स्थिति है लेकिन गंगा के मैदानी भागों तक पहुंचते-पहुंचते मानसून कमजोर पड़ जा रहा है।
मानसून 15 जनू से 30 सितंबर तक बारिश का समय माना जाता है लेकिन पूर्वांचल में अब अच्छी बारिश की उम्मीद कम है। जब तक पुरवा हवा नहीं चलेगी और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र नहीं होगा तब तक बारिश नहीं होगी।