लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम जिस भवन को दिखाकर ध्वस्त करने की कार्रवाई करने पहुंचा था उसको ध्वस्त न करते हुए आसपास के गोदाम को गिराना शुरू कर दिया। अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव ने बताया कि भवन और दीवार जर्जर होने के कारण भविष्य में कभी भी गिर सकते थे।
जर्जर भवनों के गिरने से जान-माल की हानि होने की प्रबल संभावना थी इसलिए जान-माल की सुरक्षा की दृष्टि से माल गोदाम की जर्जर भवनों को गिराया जा रहा हैं। यहां पर मजदूर अपने सामान रखते थे' और कुछ मजदूर यहां पर रहते भी थे जिनको हटा दिया गया था। नगर निगम के मुताबिक करीब 14 हजार वर्गमीटर में बने मालगोदामं जमीन की कीमत 90 करोड़ के करीब है।