फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी देश का सबसे प्रदूषित शहर, 500 तक पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स 

Sat, 02 Nov 2019 04:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
विज्ञापन
demo pic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

पहले से ही प्रदूषण से परेशान काशी के लोगों को अब सांस लेना भी दूभर होता जा रहा है। शुक्रवार को वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 500 तक पहुंच गया। इसके साथ ही वाराणसी देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। क्लाइमेट एजेंडा की ओर से जारी आंकड़ों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई ) को 500 बताया गया है, जबकि पीएम 2.5 को 565 और पीएम 10 को 323 बताया गया है।

विज्ञापन


एक सप्ताह में एक्यूआई 200 से बढ़कर 500 तक पहुंच गया है। आलम यह है कि शुक्रवार को भी काशी में दिनभर स्मॉग छाया रहा। इससे आबोहवा दमघोंटू होने लगी है। परिणाम स्वरूप अस्पतालों की ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या आम दिनों से दोगुनी हो गई है। अन्य शहरों की तुलना में काशी में हवा की स्थिति चिंताजनक बनी है। 

आमतौर पर एक्यूआई 200 से अधिक अगर है तो उसे खतरनाक माना जाता है, लेकिन यहां एक सप्ताह से बढ़ते-बढ़ते शुक्रवार को यह 500 तक पहुंच गया है। इसके अलावा पीएम 2.5 और 10 भी बढ़ रहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिकों ने दिवाली के अगले दिन बताया था कि एक्यूआई बढ़ने की वजह आतिशबाजी ही है। 
विज्ञापन


लेकिन यहां विकास संबंधी काम जारी रहना और गाड़ियों से निकलने वाला धुआं भी इसकी वजहें है। दीपावली के अगले दिन ही क्लाइमेंट एजेंडा की ओर से शहर के 18 इलाकों की वायु गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें हालत चिंताजनक बताई गई थी। शुक्रवार को भी डेटा चिंताजनक रहा। 

मंडलीय अस्पताल में चेस्ट फिजीशियन डा. आरके शर्मा ने बताया कि प्रदूषण और धुआं अधिक होने से स्मॉग तेजी से बढ़ गया है। इसकी वजह से दिन भर धुंध जैसी छाई रही। इसी वजह से अस्पताल की ओपीडी में सांस संबंधी बीमारी, फेफड़े में संक्रमण, खांसी के मरीज अधिक बढ़ रहे हैं। आम दिनों में 40 से 50 आते थे वह अब संख्या बढ़कर 80 से 100 तक पहुंच गई है। पर्यावरण विद डॉ. राजीव प्रताप सिंह के मुताबिक हवा में कार्बन कणों की औसत से अधिक होने की वजह से एलर्जी, सांस संबंधी परेशानियां बढ़ने लगती हैं।   

एक नजर में हवा का हाल
तिथि                    पीएम 2.5    पीएम 10      एक्यूआई
01 नवंबर              565          323           500
31 अक्तूबर            228          449           409
30 अक्तूबर            138         253              314

ये काम जरूर करें
-बिना मॉस्क के घर से बाहर न निकलें
-चार पहिया वाहन से चलते समय उसका शीशा भी बंद रखें
-बाहर निकलते समय पूरी बांह का कपड़ा पहनकर ही निकलें
- घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, एयर प्यूरीफायर लगाएं।
-प्रदूषण से बचने के लिए घर में अदरक और तुलसी से बनी चाय पियें

मॉनिटरिंग जरूरी
इस समय ग्रामीण इलाकों में धान की फसल काटने के बाद पराली व कई जगहों में कूड़ा जलाया जा रहा है। जिससे धुआं निकलता है। दूसरे रिंग रोड सहित अन्य जगहों पर चल रहे निर्माण की वजह से भी धूल उड़ रही है। इसी वजह से पीएम 2.5 और 10 में इजाफा हो रहा है। जहां तक एक्यूआई की बात है तो इससे हवा की गुणवत्ता का पता चलता है, लेकिन यह भी दोगुना हो गया है। कूड़ा जलाने पर रोक के साथ ही गाड़ियों में प्रदूषण की जांच की मॉनिटरिंग जरूरी है। -डा. राजीव प्रताप सिंह, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान, बीएचयू

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें