संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा के पैटर्न में बदलाव के बाद अब परीक्षार्थियों के लिए आईएएस परीक्षा पास करना पीसीएस से ज्यादा आसान हो गया है।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में गणित, अंग्रेजी जैसे विषयों से मानक से अधिक प्रश्न पूछे जाने से बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पहले दौर में ही बाहर हो जाते हैं।
सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में आयोग की ओर से तय मानक के अनुरूप प्रश्न पूछे जाने से परीक्षार्थियों को सिविल सेवा परीक्षा पास करना पीसीएस से ज्यादा आसान लग रहा है।
ब्रह्म आईएएस के निदेशक डॉ. अतुल मिश्र का कहना है कि सिविल सेवा पैटर्न में बदलाव के बाद संघ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा में जहां दो वैकल्पिक विषयों की अनिवार्यता खत्म करके एक वैकल्पिक विषय कर दिया, वहीं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अभी अपने पुराने पैटर्न पर चल रहा है।
परीक्षार्थियों को अभी दो वैकल्पिक विषयों की परीक्षा देनी होगी। ऐसे में उन्हें अतिरिक्त तैयारी करनी पड़ रही है।
पीसीएस में परीक्षार्थियों लिखना होता है तीन निबंध
सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में परीक्षार्थियों को एक निबंध लिखना होता है तो पीसीएस मुख्य परीक्षा में तीन लिखने की बाध्यता है। आईएएस में जहां सामान्य हिन्दी और अंग्रेजी में केवल क्वालीफाइंग अंक पाना है तो पीसीएस में इसके अंक जोड़े जाते हैं।
सिविल सेवा में अभ्यर्थी मात्र 30 वर्ष तक परीक्षा दे सकते हैं जबकि पीसीएस में 40 वर्ष तक परीक्षा देने की छूट हैं, ऐसे में प्रतियोगिता बढ़ जाती है।
पीसीएस (प्री) का प्रश्नपत्र मानक के अनुरूप नहीं
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले रनीश जैन ने बताया कि आईएएस प्रारंभिक परीक्षा सी-सैट का पैटर्न एवं प्रश्नपत्र का प्रारूप पूरी तरह से वैज्ञानिक है, वहीं पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में किस भाग से कितने प्रश्न पूछे जाएंगे, कुछ तय नहीं रहता।
ऐसे में अच्छी तैयारी के बाद भी बड़ी संख्या में प्रतियोगी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा से बाहर हो जाते हैं। पीसीएस में गणित, रीजनिंग और अंग्रेजी से बड़ी संख्या में प्रश्न पूछे जाने से प्रारंभिक परीक्षा में परीक्षार्थी बाहर हो जाते हैं।