चार दलितों की हत्या का मामला प्रदेश की सियासत में भूचाल लाने जा रहा है। बसपा ने इसे मुद्दा बनाकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने की प्लानिंग कर ली है।
कई दिग्गज नेता गांव का दौरा करेंगे। बसपा सुप्रीमो मायावती के गांव में आने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं। दूसरी पार्टियां भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुट गईं।
संभल जनपद के गांव गम्मनपुरा में चार दलितों की हत्या का मामला लखनऊ से दिल्ली तक गूंजने लगा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की टीम ने सोमवार को गांव का दौरा किया था। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी गांव का दौरा करके दलितों का दर्द बांटा था। उन्होंने ऐलान किया था कि अगर किसी का बाल भी बांका हुआ तो वह लोग सड़कों पर उतरेंगे। बसपा ने इसे मुद्दा बना लिया है।
हालांकि अभी पुष्टि तो नहीं हो पाई है लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही पूर्व मुख्यमंत्री मायावती गांव का दौरा करेंगी। कांग्रेस ने भी चार किसानों की हत्या के मामले में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
रालोद ने भी हुंकार भर दी है। कई दूसरी पार्टियां भी गम्मनपुरा के गम में शरीक हो रही हैं। तय मानिए कि गम्मनपुरा गांव प्रदेश की सियासत का केंद्र बन गया है।