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दिल्ली के 'नमूने' से क्यों हुई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तकलीफ

Sat, 22 Aug 2020 09:01 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • बिना नाम लिए साधा आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह पर निशाना
  • समाजवादी पार्टी के विधायक ने सुनाई कोविड-19 की दास्तां तो मुख्यमंत्री को हुई चुभन
  • एक समाज की नाराजगी, कानून व्यवस्था का मामला, कोविड-19 की अव्यवस्था से पड़े पेशानी पर बल
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सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : ANI
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बिना नाम लिए विधानसभा में बड़ा तंज कसा। यह तंज आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह पर था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिल्ली का एक नमूना उत्तर प्रदेश में आकर पूछता है कि कोविड-19 के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए आपने क्या किया?

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समाजवादी पार्टी के नेता संजय लाठर कहते हैं कि इस व्यंग्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीस छिपी हुई है। कोविड-19 के मामले राज्य में बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान का संक्रमण की चपेट में आकर निधन हो गया है। चेतन से पहले राज्य सरकार की एक और मंत्री (कमलरानी वरुण) की संक्रमण के चलते मृत्यु हो चुकी है।

विधान परिषद में बिना बहुमत के पारित के हो रहे हैं बिल

संजय लाठर एमएलसी हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार और विधान परिषद के सभापति पर बड़ा आरोप लगा रहे हैं। लाठर का कहना है कि 22 अगस्त को विपक्ष विधान परिषद में पेश हुए विधेयक पर मतदान कराने की मांग करता रह गया। सदन में विपक्ष के सदस्यों की संख्या भी ज्यादा थी, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई और विधेयक को पारित करा लिया गया।

संजट लाठर का कहना है कि विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही में भी की तानाशाही चल रही है। इस मसले को लेकर 23 अगस्त को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी के नेताओं से विचार विमर्श करेंगे और मामले को राज्यपाल तथा राष्ट्रपति के पास तक ले जाने की तैयारी में हैं।

सुनील सिंह साजन ने खोली सरकार की पोल

विधान परिषद में एमएलसी विधायक सुनील सिंह साजन ने उत्तर प्रदेश सरकार की कोविड-19 की तैयारी, सरकार, सरकार के मंत्री के दीन-इकबाल की पोल खोलकर रख दी। सुनील सिंह साजन द्वारा विधान परिषद में दिया वक्तव्य खूब वायरल हो रहा है। साजन के अनुसार चेतन चौहान का एसजीपीजीआई में खूब अपमान हुआ, ढंग से इलाज नहीं हो पाया, अस्पताल की व्यवस्था पर उन्होंने प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया।

साजन ने बताया कि वह दोपहर में कोविड-19 पाजिटिव पाए जाने के बाद भर्ती हुए थे, जबकि चेतन चौहान शाम को आए थे। लेकिन एसजीपीजीआई में कोविड-19 से इलाज, मंत्री और माननीयों के साथ व्यवहार की स्थिति बड़ी दयनीय हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राज्य में लोग मुख्यममंत्री योगी आदित्यनाथ के सिवा किसी को नहीं पहचानते।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुनिए

कोविड-19 को लेकर विधानसभा और विधान परिषद में सदस्यों को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अपनी शैली में जवाब दिया, लेकिन उनके जवाब में राज्य सरकार की चिंताएं प्रमुखता से रहीं। मुख्यमंत्री ने जहां सरकार की कोविड-19 संक्रमण से लोगों को बचाने की तैयारी की जानकारी दी, वहीं उन्होंने कुछ अन्य मुद्दों पर भी जवाब दिया। वह अपने जवाब को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर ले गए।

05 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा किए गए भूमिपूजन को 492 साल के इतिहास का गौरवशाली दिन बताया। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त करके राज्य में आतंकवाद के ताबूत में कील ठोंक दी है।

उन्होंने प्रदेश में भगवान परशुराम और राम पर भी वक्तव्य दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों में कोई अंतर नहीं है। दोनों विष्णु के अवतार हैं। बस कुछ लोगों की बुद्धि में भेद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रदेश वासियों को कोविड-19 के संक्रमण से मुक्ति दिलाएंगे। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य में 2016 के मुकाबले अपराध के मामले घटे हैं।
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क्या है मुख्यमंत्री के विधानसभा में इस तरह के संबोधन का राज

संजय गांधी के जमाने के कांग्रेसी और पूर्व मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र के करीबी सुल्तानपुर के प्रदीप पाठक कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिला स्तर के अस्पतालों में पहले से संसाधन का अभाव है। पीजीआई समेत अन्य अस्पतालों की दुर्दशा ने राज्य सरकार को परेशान करना शुरू कर दिया है।

अमेठी के जगदंबा सिंह का कहना है कि कोविड-19 को लेकर जनता की परेशानी और नाराजगी लगातार बढ़ रही है। प्रदीप पाठक और जौनपुर के शिवराय का कहना है कि कोविड-19 के साथ-साथ कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। पूरे प्रदेश में ब्राह्मण समाज अपने पीड़ित पा रहा है। इसलिए राजनीतिक दल अयोध्या में भगवान राम तो पूरे प्रदेश में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापना पर जोर देने लगे हैं।

ब्राह्मण भाजपा का बड़ा वोटर हैं और इसलिए मुख्यमंत्री को यहां भी सफाई देनी पड़ रही है। प्रयागराज के संघ से जुड़े ज्ञानेश्वर शुक्ला का कहना है कि धीरे-धीरे सब ठीक हो रहा है, लेकिन कुछ लोग भ्रंतियां फैलाकर समाज में बंटवारा करा रहे हैं। इस मामले में इतिहासकार ओपी सिंह की टिप्पणी सबसे महत्वपूर्ण है।

ओपी सिंह का कहना है कि पहले तो हिंदू-मुसलमान में बंटवारा कराया जा रहा था। जातिगत राजनीति हो रही थी। अब हिंदुओं में जातियों के भीतर भेदभाव की स्थिति पैदा करके न केवल जातिगत राजनीति का बीज बोया जा रहा है, बल्कि टकराव की स्थिति भी पैदा की जा रही है। यह सूबे और देश के लिए अच्छा नहीं है।
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