उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के परिणाम भाजपा की दीर्घकालिक राजनीति पर असर डालेंगे। ये परिणाम न केवल योगी आदित्यनाथ की राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि इनका असर लोकसभा चुनाव 2024 पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। यही कारण है कि भाजपा इस चुनाव को जीतने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती। यही कारण है कि इस बार उम्मीदवारों के चयन में भाजपा बेहद कड़ा रूख अपनाएगी। उम्मीदवारों के चयन में तीन बिल्कुल स्वतंत्र माध्यमों से चुनकर आए नामों पर ही अंतिम विचार किया जाएगा। इस मानक पर खरे न उतरने पर इस बार कई मंत्रियों-विधायकों तक का पत्ता कटना तय है।
भाजपा के एक शीर्ष नेता ने अमर उजाला को बताया कि यूपी की हर विधानसभा सीट पर एक विस्तारक की नियुक्ति की जा रही है। चुनाव के दौरान इन विस्तारकों का काम पन्ना प्रमुखों, बूथ प्रमुखों, शक्ति केंद्र प्रमुखों से सीधा संपर्क कर भाजपा को वोट डलवाना होगा। इसके पूर्व इन्हीं प्रमुखों से मंडल स्तर तक लोगों से बातचीत कर उन उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जो क्षेत्र से चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों। इन विस्तारकों की रिपोर्ट यूपी चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ये सीधे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।