एक युवक की पत्नी की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई। परिजन उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहे थे, उसकी अर्थी उठने वाली थी लेकिन तभी सूदखोर ने मानवीयता को शर्मसार करने वाली मांग रख दी।
सूदखोर ने युवक से सूद समेत कर्ज चुकाने के बाद ही पत्नी का अंतिम संस्कार करने को कहा। युवक ने पत्नी का अंतिम संस्कार करने के बाद पाई-पाई चुकाने की बात कही पर वह राजी नहीं हुआ। पुलिस ने भी कोई मदद नहीं की।
परिजनों और गांव वालों के हंगामे और सड़क जाम के बाद दोनों पक्षों में सुलह हुई।
अछनेरा की बड़ी बस्ती निवासी एक युवक समीप ही रहने वाले एक शख्स के गोदाम में मूर्ति कारीगर था। पत्नी के इलाज के लिए उसने अपने मालिक से 40 हजार रुपये कर्ज लिए थे। बदले में मकान गिरवी रखा था।
वह ससुराल में पत्नी का इलाज करा रहा था। सोमवार को उसकी मौत हो गई। मंगलवार को वह परिजनों के साथ शव लेकर घर पहुंचा।
उसका आरोप है कि उसके मकान में मालिक ने ताला लगा दिया था। जब उसने चाबी मांगी तो उसने 90 हजार रुपये सूद समेत मांगे। पत्नी का अंतिम संस्कार करने के बाद पाई-पाई चुकाने की बात कहने पर भी वह राजी नहीं हुआ।
वह गांव वालों के साथ पुलिस से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस पर ग्रामीण डीएम से मिले। उन्होंने पहले अंतिम संस्कार करने की बात कही लेकिन सूदखोर के जिद पर अड़े रहने से नाराज गांव वालों ने अछनेरा-भरतपुर मार्ग पर जाम लगा दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया और दोनों पक्षों में समझौता कराया।