उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से लोअर सबऑर्डिनेट सामान्य चयन-2008 का इंटरव्यू आठ जनवरी से प्रस्तावित है।
पूछताछ कक्ष के बाहर यह सूचना लगाई गई है। उसे मार्कर से भी हाईलाइट किया गया है लेकिन यह सूचना न तो आयोग की वेबसाइट पर है और न ही कार्यालय स्थित सूचना बोर्ड पर चस्पा किया गया है। इसको लेकर असमंजस की स्थिति भी बन गई है।
लोअर सबऑर्डिनेट मुख्य परीक्षा-2008 का रिजल्ट एक सप्ताह पहले ही घोषित किया गया है लेकिन प्रतियोगी इसमें धांधली का आरोप लगाते हुए आंदोलनरत हैं।
वे इसकी सीबीआई जांच की भी मांग कर रहे हैं। ऐसे में साक्षात्कार का कार्यक्रम गोपनीय रखने को इस विरोध से जोड़ा जा रहा है। 1142 पदों के लिए साक्षात्कार आठ जनवरी से शुरू होकर 23 फरवरी तक चलेगा। इससे पहले लोअर सबऑर्डिनेट-2008 विशेष चयन का साक्षात्कार भी दो जनवरी से होगा।
पीसीएस-जे प्री परीक्षा निरस्त करने की मांग
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस-जे-2013 प्रारंभिक परीक्षा के संशोधित रिजल्ट का भी विरोध शुरू हो गया है। प्रतियोगी इसे निरस्त कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर प्रतियोगी सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी में हैं।
इस परीक्षा में 15 सवाल गलत थे या उनके गलत उत्तर को आधार बनाकर आयोग ने पहले रिजल्ट घोषित किया था। विरोध के बाद इन 15 सवालों को बाहर करके दोबारा रिजल्ट घोषित किया गया। यूथ फॉर जस्टिस की सोमवार को हुई सभा में प्रतियोगियों का कहना था कि दो प्रश्न पत्रों में 300 सवालों के माध्यम से परीक्षा कराने की घोषणा की गई थी। इस गलाकाट प्रतियोगिता में जहां एक अंक से असफल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या सैकड़ों में है, वहां मात्र 285 सवालों के आधार पर घोषित रिजल्ट को नियमबद्ध और तार्किक नहीं कहा जा सकता।
अभ्यर्थी 15 प्रश्नों की अंकों में गणना के आधार पर 24 अंक मेरिट घटाकर इसके अंदर आने वाले सभी परीक्षार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल करने या फिर दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। अभ्यर्थियों ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की। आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए मंगलवार को दिन 12 बजे चंद्रशेखर आजाद पार्क में बैठक बुलाई गई है। सभा में अरुणेश सिंह, विवेक त्रिपाठी, संजीव त्रिपाठी, अविनाश सिंह आदि शामिल रहे।