फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: 'आईएएस का अनुभव+जमीनी पकड़=नई दिशा', राजा भैया और दिव्या मित्तल की तस्वीर, एक पोस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल

Wed, 30 Sep 2026 03:27 PM IST
Sharukh Khan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा

सार

पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया संग एक तस्वीर दिखी है। तस्वीर को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने एक्स पर साझा किया है। 
विज्ञापन
divya mittal - फोटो : X: @DrBrijeshsinghJ
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर को लेकर चर्चाओं ने तेजी पकड़ ली है। प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में एंट्री करने वाली पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया संग एक तस्वीर दिखी है। 
विज्ञापन


तस्वीर को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने एक्स पर साझा किया है। तस्वीर सामने आने के बाद दिव्या मित्तल के अगले राजनीतिक कदम को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि, दिव्या मित्तल पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जाएंगी। 

जनसत्ता लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश प्रधान महासचिव डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की तस्वीर अपने एक्स अकाउंट पर साझा की थी। 
 

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि क्या उत्तर प्रदेश में राजनीति का एक नया अध्याय शुरू होगा? राजावत ने दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पारी का जिक्र किया और उनका स्वागत किया। उन्होंने अपने संदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनुभव और राजा भैया की जमीनी पकड़ को एक साथ जोड़ा। उन्होंने इन दोनों के मेल से उत्तर प्रदेश में नई राजनीतिक संभावना की ओर इशारा किया। 

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या भारतीय प्रशासनिक सेवा का अनुभव और राजा भैया की जमीनी पकड़ उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई दिशा की शुरुआत कर सकती है? इस संदेश के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाओं में तेजी आ गई है। राजावत के संदेश ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य पर अटकलें
पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। उन्होंने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा की थी। उनकी कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ तस्वीर सामने आई है।

इस तस्वीर ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है। सियासी गलियारों में उनके संभावित विकल्पों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, दिव्या मित्तल ने साफ किया है कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। यह बयान उनके स्वतंत्र राजनीतिक मार्ग की ओर संकेत करता है।

क्या उत्तर प्रदेश में राजनीति का एक नया अध्याय शुरू होगा?
जिस तरह पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल जी ने आज से अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने की घोषणा की है…

राजनीति के कुरुक्षेत्र में स्वागत है, दिव्या मित्तल जी!
IAS का अनुभव + राजा भैया जी की जमीनी पकड़ = क्या UP में नई दिशा की शुरुआत?
इतिहास अवसर देता है, 
इबारत नेतृत्व लिखता है।


 

अब सियासत में हाथ आजमाएंगी पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल, सरकारी सिस्टम-नौकरशाही को घेरा
हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाली आईएएस दिव्या मित्तल ने सक्रिय राजनीति में आने का फैसला लिया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने वैरीफाइड हैंडल पर वीडियो जारी किया, जिसमें राजनीति में स्वतंत्र रूप से आने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी दल में शामिल नहीं होंगी। 

इस दौरान उन्होंने सरकारी सिस्टम और नौकरशाही पर हमला भी बोला। दिव्या मित्तल ने कहा कि मुझे लोगों की आवाज बनना है जो किसी दफ्तर तक नहीं पहुंचती है। पहुंच भी जाए तो सुनी नहीं जाती है। उन लोगों की तरफ से मुझे देश की आजादी के 80 साल का हिसाब चाहिए। हजारों गांवों में आज भी सड़क और पुल नहीं हैं। 

इसका पीढि़यों से इंतजार है। मैं एक साधारण परिवार की लड़की थी। इस देश ने मुझसे वादा किया था कि पढ़ोगी तो बढ़ोगी। मैंने पढ़ा और आज आपके आगे हूं। आज जो बच्चे रात भर पढ़ रहे हैं और पेपर लीक हो जाता है। 

 

पांच साल तक तैयारी करो और फैसला किसी अदालत में। जो किसान अपनी जमीन गिरवी रखकर अपने बेटे को इंजीनियर बना रहा है या जो मां अपने जेवर बेचकर बेटी को कोचिंग करा रही है, क्या उनका भविष्य सुरक्षित है। 

कोई सदन नहीं है जहां इसके बारे में बात हो रही हो। हमारे बच्चों के भविष्य की किसी को चिंता नहीं है। आज राजनीति में सत्ता, शिलान्यास, शोर तो है पर सोच नहीं है। उद्देश्य केवल एक राजनेता बदलने का नहीं है, राजनीति बदलनी होगी। 

राजनीति शरीफ लोगों के लिए नहीं है। इसका जवाब मुझे अपने इस्तीफे के चंद घंटों में मिल गया। एक बड़ी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने लिखा कि मैं रात के अंधेरे में एक दूसरी बड़ी पार्टी के बड़े नेता से मिली। वह मुलाकात कभी नहीं हुई थी। उद्देश्य था कि एक औरत जो सवाल पूछने निकली है, उसको पहले ही दिन डरा दो।

एफआईआर, ट्रोल करा दो
दिव्या ने तंज कसते हुए कहा कि यही तो ये लोग करते हैं। किसी को एफआईआर करके डरा दो, ट्रोल करके बिठा दो ताकि आम आदमी, अच्छे लोग राजनीति में न आएं। इनकी राजनीति चलती रहे। हमें इसे बदलना है। 

 

मैं डरूंगी नहीं, सवाल पूछूंगी
मैं डरूंगी नहीं, सवाल पूछूंगी। जिन्होंने मेरा समर्थन किया था, उन्हीं के साथ एक ऐसा मंच बनाएंगे। मेरे पास पैसा, बाहुबल जाति-धर्म का समीकरण नहीं है। जो पैसा चुनाव में बहाया जाता है, वह हमारी सड़क, पुल, स्कूल से आता है। जब मैं अधिकारी थी, तो न्याय करने से पहले कभी किसी का नाम नहीं पूछा। राजनीति में भी नहीं पूछूंगी। 

 
विज्ञापन

यूपी की मिट्टी मेरी कर्मभूमि है। इसीलिए शुरुआत यहीं से होगी। उत्तर प्रदेश ने तो हमेशा राह दिखाई है। देवरिया में 'ऑपरेशन कब्जा मुक्ति' के दौरान लोगों ने खुद सरकारी जमीनों से कब्जे छोड़े। मुझ पर भरोसा मत करिए, अपने आप पर करिए। उन्होंने अपने व्हाट्सएप नंबर 9198956957 पर मैसेज करके जुड़ने की अपील भी की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें