उत्तर प्रदेश में जिन गरीबों के पास रहने को ठौर नहीं है लेकिन सरकार ने उन्हें लोहिया ग्रामीण आवास देने के लिए चयनित किया है, तो उन्हें अब जमीन के जुगाड़ की चिंता नहीं करनी होगी।
प्रदेश सरकार ने ऐसे गरीबों के आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है।
सपा सरकार ने ऐसे गरीबों के लिए लोहिया ग्रामीण आवास योजना शुरू की है जो इंदिरा आवास योजना के दायरे में नहीं आते और रहने के लिए घर का कोई जुगाड़ भी नहीं कर पाए।
जिलों में नियमों के अनुसार जब लाभार्थियों का चयन शुरू हुआ तो कई ऐसे लाभार्थी सामने आए जिनके पास घर बनाने के लिए जमीन तक नहीं है।
मुख्य विकास अधिकारियों ने यह मामला ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों के सामने उठाया था। अब ग्राम्य विकास आयुक्त ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर दिया है।