फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Alert: भारतीय व्यंजनों को पछाड़ रहे फास्ट फूड, इस जिले में लोग रोज खा रहे 2 लाख प्लेट चाऊमीन और 52600 बर्गर 

Tue, 05 Jul 2022 05:33 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

उत्तर प्रदेश के एक जिले में भारतीय व्यंजनों की बिक्री को फास्ट फूड ने पछाड़ दिया है। फास्ट फूड कारोबारियों के आंकड़ों के मुताबिक हर दिन औसतन 2.16 लाख प्लेट चाऊमीन की बिक्री हो रही है। ऐसे में 52,600 बर्गर और पाव प्रतिदिन खाए जा रहे हैं। आईएमए के अनुसार हाल के दो वर्षों में कोलेस्ट्रॉल, शुगर आदि के मरीज तेजी से बढ़े हैं जिसमें अनियमित दिनचर्या के साथ फास्ट फूड का सेवन बड़ी वजह बनकर उभरा है। 
विज्ञापन
- फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के मेरठ में फास्ट फूड ने भारतीय व्यंजनों को पछाड़ दिया है। कोविड के बाद जिले में पंजाबी और साउथ इंडियन फूड की बिक्री पर फास्ट फूड ने अपनी पकड़ जमा ली है। फास्ट फूड कारोबारियों के आंकड़ों के मुताबिक हर दिन औसतन 2.16 लाख प्लेट चाऊमीन और 52600 बर्गर की बिक्री हो रही है।

विज्ञापन


सेठ नूडल्स के संचालक प्रखर के अनुसार शहर में 18 बड़े चाऊमीन निर्माता हैं। यह औसतन आठ हजार किलो चाऊमीन बेचते हैं। सेठ बेकर्स की संचालक लक्ष्मी ने बताया कि 22 बेकरी लगभग 175 दर्जन बर्गर प्रतिदिन बना रही हैं। ऐसे में 52,600 बर्गर और पाव प्रतिदिन खाए जा रहे हैं। आईएमए के आंकड़े बताते हैं कि हाल के दो वर्षों में कोलेस्ट्रॉल, शुगर, मोटापा, ब्लड प्रेशर के मरीज तेजी से बढ़े हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अनियमित दिनचर्या के साथ फास्ट फूड का सेवन इसकी एक बड़ी वजह है। 

यह भी पढ़ें : Suicide: सहारनपुर में पेड़ से लटका मिला 32 वर्षीय युवक का शव, पहचान कराने में जुटी पुलिस

विज्ञापन

फास्ट फूड का कारोबार 
फास्ट फूड की दुकानें व ठेले : 475
चाऊमीन निर्माता : 18
चाऊमीन की प्रतिदिन की खपत : 8 हजार किलो
बर्गर पाव बेकरी: 150
बर्गर की प्रतिदिन की खपत : 52,600
फास्ट फूड कच्चा माल रिटेलर : 250

नौकरी छूटी तो खोलीं फास्ट फूड की दुकानें
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि कोविड के बाद युवाओं में बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। बाईपास से शास्त्रीनगर और मोदीपुरम से परतापुर तक लगभग 75 नए छोटे-बड़े फास्ट फूड के रेस्टोरेंट खुल गए हैं। गंगानगर निवासी विकास चौधरी ने बताया कि कोविड से पूर्व नोएडा एमएनसी में कार्यरत थे, नौकरी गई तो फास्ट फूड का काम शुरू कर दिया। 

यह भी पढ़ें : Photos: हाजी इकबाल व महमूद अली की कोठियों पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर, पॉकलेन मशीन से हुई कार्रवाई
विज्ञापन

फास्ट फूड में होती है उच्च कैलोरी
फास्ट फूड में विटामिन, खनिज और फाइबर नाम मात्र को होते हैं। स्वाद के साथ उच्च कैलोरी, वसा और अधिक मात्रा में चीनी और नमक  होता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार फास्ट फूड में मोनोसोडियम ग्लूटामेट का प्रयोग होता है। इनके लगातार सेवन से माइग्रेन, मांसपेशियों में संकुचन, डिप्रेशन, चेहरे पर मुंहासे, दांतों में सड़न, रक्तचाप से जुड़ी समस्या हो सकती है। 

बढ़ रहीं बीमारियां
शारीरिक श्रम में कमी और फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से शरीर में कार्बोहाइड्रेट और टॉक्सिक पदार्थ बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल, थॉयराइड और डायबटीज के साथ अन्य गंभीर बीमारियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। - डॉ. ऋषि सिंघल, कोलेस्ट्रोल शुगर मोटापा रोग विशेषज्ञ।

मोटापा बढ़ा रहा परेशानी 
प्रोटीन और मिनरल्स की कमी के कारण भूख नहीं मिटती और कार्बोहाइड्रेट का सेवन अधिक करते चले जाते हैं। ऐसे में मोटापा बढ़ता चला जाता है। युवाओं के औसत वजन में भी तेजी से वृद्धि हुई है। - डॉ. रेनू भगत, अध्यक्ष, आईएमए, मेरठ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें