फास्ट फूड का कारोबार
फास्ट फूड की दुकानें व ठेले : 475
चाऊमीन निर्माता : 18
चाऊमीन की प्रतिदिन की खपत : 8 हजार किलो
बर्गर पाव बेकरी: 150
बर्गर की प्रतिदिन की खपत : 52,600
फास्ट फूड कच्चा माल रिटेलर : 250
नौकरी छूटी तो खोलीं फास्ट फूड की दुकानें
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि कोविड के बाद युवाओं में बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। बाईपास से शास्त्रीनगर और मोदीपुरम से परतापुर तक लगभग 75 नए छोटे-बड़े फास्ट फूड के रेस्टोरेंट खुल गए हैं। गंगानगर निवासी विकास चौधरी ने बताया कि कोविड से पूर्व नोएडा एमएनसी में कार्यरत थे, नौकरी गई तो फास्ट फूड का काम शुरू कर दिया।
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फास्ट फूड में होती है उच्च कैलोरी
फास्ट फूड में विटामिन, खनिज और फाइबर नाम मात्र को होते हैं। स्वाद के साथ उच्च कैलोरी, वसा और अधिक मात्रा में चीनी और नमक होता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार फास्ट फूड में मोनोसोडियम ग्लूटामेट का प्रयोग होता है। इनके लगातार सेवन से माइग्रेन, मांसपेशियों में संकुचन, डिप्रेशन, चेहरे पर मुंहासे, दांतों में सड़न, रक्तचाप से जुड़ी समस्या हो सकती है।
बढ़ रहीं बीमारियां
शारीरिक श्रम में कमी और फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से शरीर में कार्बोहाइड्रेट और टॉक्सिक पदार्थ बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल, थॉयराइड और डायबटीज के साथ अन्य गंभीर बीमारियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। - डॉ. ऋषि सिंघल, कोलेस्ट्रोल शुगर मोटापा रोग विशेषज्ञ।
मोटापा बढ़ा रहा परेशानी
प्रोटीन और मिनरल्स की कमी के कारण भूख नहीं मिटती और कार्बोहाइड्रेट का सेवन अधिक करते चले जाते हैं। ऐसे में मोटापा बढ़ता चला जाता है। युवाओं के औसत वजन में भी तेजी से वृद्धि हुई है। - डॉ. रेनू भगत, अध्यक्ष, आईएमए, मेरठ