इस बार यूपी चुनाव में कुल 4,442 प्रत्याशी मैदान में हैं। एडीआर ने इनमें से 4,406 प्रत्याशियों के चुनावी हलफनामे पर रिपोर्ट तैयार की है। अन्य 36 उम्मीदवारों के हलफनामे स्पष्ट नहीं होने के कारण उनका अध्ययन नहीं हो सका।
रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा 65 फीसदी दागी प्रत्याशी सपा के हैं। दूसरे नंबर पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और रालोद हैं। दोनों के 58 फीसदी प्रत्याशी दागी हैं। तीनों पार्टियां इस बार मिलकर चुनाव लड़ रहीं हैं। भाजपा के 45% और कांग्रेस के 40% उम्मीदवार दागी हैं। बसपा के 38% और अपना दल (सोनेलाल) के 35% प्रत्याशी आपराधिक छवि वाले हैं। आम आदमी पार्टी के 18% उम्मीदवारों पर भी अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
किस-किस तरह के लगे हैं आरोप?
69 प्रत्याशियों पर महिलाओं से जुड़े अपराध में शामिल होने का आरोप लगा है। इनमें से 10 ऐसे भी हैं, जिनपर दुष्कर्म का आरोप है। 159 प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास का आरोप है। वहीं, 37 प्रत्याशी ऐसे हैं जिन पर हत्या का मुकदमा चल रहा है।
सबसे ज्यादा इन सीटों पर दागी प्रत्याशी
| विधानसभा सीट |
जिला |
कुल प्रत्याशी |
दागी |
| लखनऊ सेंट्रल |
लखनऊ |
13 |
07 |
| चायल |
कौशांबी |
15 |
07 |
| बांसडीह |
बलिया |
13 |
07 |
| अंबेडकर नगर |
अकबरपुर |
12 |
07 |
| सेवापुरी |
वाराणसी |
10 |
07 |
करोड़पतियों को टिकट देने में रालोद आगे
राष्ट्रीय लोक दल यानी रालोद करोड़पतियों को टिकट देने में पहले नंबर पर है। रालोद के 94% प्रत्याशी करोड़पति हैं। वहीं भाजपा के 90% और समाजवादी पार्टी के 87% प्रत्याशी करोड़पति हैं। करोड़पतियों को टिकट देने में बहुजन समाज पार्टी, अपना दल (एस), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और कांग्रेस भी पीछे नहीं रही है। बसपा के 79%, अपना दल सोनेलाल के 71%, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 68% और कांग्रेस के 50% उम्मीदवार करोड़पति हैं।