पुलिस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए व कंप्यूटर प्रोग्रामर ग्रेड- 2 के पदों पर सीधी भर्ती के लिए शुल्क राशि 50 से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है।
नए राजकीय मेडिकल कालेजों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति 70 साल की आयु सीमा तक की जाएगी। अभी तक राजकीय मेडिकल कालेज में शिक्षकों की भर्ती होने की अधिकतम आयु 65 वर्ष थी।
इसके अलावा सरकार ने लोहिया गांव में मुफ्त में लगेंगी सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने के साथ ही फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2001 में बनी फिल्म नीति में संशोधन का फैसला किया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इन निर्णयों को मंजूरी दी गई।
भर्ती बोर्ड ने कंप्यूटर आपरेटर व प्रोग्रामर की प्रस्तावित भर्ती में इस बार शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव किया था। अभी तक इन पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदनकर्ता को 50 रुपये बतौर शुल्क देना पड़ता था। इस राशि को चार गुना बढ़ाया गया है। अब अभ्यर्थियों को 200 रुपये शुल्क देना होगा।
संविदा शिक्षकों की नियुक्ति का फैसला केवल वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2012-13 में स्थापित और भविष्य में स्थापित होने वाले नए मेडिकल कालेजों पर लागू होगा। इनमें कन्नौज, जालौन, सहारनपुर, बांदा, आजमगढ़ और अम्बेडकरनगर, बदायूं के मेडिकल कालेज शामिल होंगे।
एमसीआई के अनुसार अब 70 वर्ष की आयु सीमा के शिक्षक नए मेडिकल कालेजों में भर्ती किए जा सकेंगे। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अंतर्गत चयनित गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइटें अब पूरी तरह मुफ्त में लगेंगी। इसके साथ ही विभाग को पंचायतों के हिस्से का 12.67 करोड़ रुपये भुगतान का रास्ता साफ हो गया।
फिल्म नीति में होगा संशोधन
सरकार ने प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2001 में बनी फिल्म नीति में संशोधन का फैसला किया है।
प्रदेश कैबिनेट ने ऐसी हिंदी फिल्में जिनमें अवधि, ब्रज, बुंदेली और भोजपुरी सम्मिलित हैं और उनकी 75 प्रतिशत शूटिंग प्रदेश में की गई है, तो इसके निर्माण लागत का 25 प्रतिशत अनुदान देने की मंजूरी दे दी है।
निर्णय के अनुसार अनुदान की सीमा प्रत्येक फिल्म के लिए एक करोड़ रुपये तक होगी। फिल्म नीति के अंतर्गत पुरस्कार के लिए चयनित निर्देशक द्वारा अगली फिल्म यदि यूपी में बनाई जाती है तो यह धनराशि 1.25 करोड़ रुपये तक हो जाएगी।
मान्यता प्राप्त पत्रकारों का एसजीपीजीआई में अब मुफ्त इलाज
प्रदेश कैबिनेट ने राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को राजधानी स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
यूपी वर्किंग जनर्लिटस्ट यूनियन, यूपी जनर्लिस्ट एसोसिएशन और इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जनर्लिस्ट एसोसिएशन श्रमजीवी पत्रकारों को राज्य कर्मचारियों की तरह एसजीपीजीआई में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहा था।
कैबिनेट की बैठक सरकार के अन्य फैसले
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- मुख्य सचिव होंगे लोहिया इंस्टीट्यूट की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष
-गैर न्यायिक कर्मियों को शेट्टी आयोग की संस्तुतियों का मिलेगा लाभ
-पारिवारिक न्यायालय के परामर्शदाताओं का मानदेय बढ़ा
-इंटेल सिखाएगा हाई स्कूल शिक्षकों को कम्प्यूटर चलाना