उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बरहज में समाजवादी पुरोधा, चिंतक मोहन सिंह के ब्रह्मभोज में उनकी पत्नी उर्मिला सिंह से मिलते ही उनका हाथ पकड़ा तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की आंखों से आंसू निकल पड़े ।
उन्होंने मोहन सिंह को बड़ा समाजवादी नेता बताते हुए कहा कि उनका भाषण सुनने के लिए हम घंटों इंतजार करते थे। समाजवादियों का इतिहास जानने वाला उनके जैसा कोई नहीं था। वे पार्टी के बड़े नेता थे उनकी भरपाई कर पाना मुश्किल हैं।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री के साथ आजम खां भी दिवंगत नेता के पैतृक गांव जयनगर पहुंचे। मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से तो आजम खां सड़क मार्ग से। दोनों नेता करीब डेढ़ घंटे तक बरहज में रहे। सीएम ने पहुंचते ही मोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के लोगों से मिलकर ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर आश्रम मैदान पर 11:50 बजे उतरा। वहां से अखिलेश यादव कार से जयनगर पहुंचे। दिवंगत नेता के आवास पर करीब डेढ़ घंटे तक रहे। आजम खां रोड से जयनगर पहुंचे और मुख्यमंत्री के जाने के बाद वहां से गए।
सीएम ने मोहन सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उनके घर जाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मोहन सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह, बेटी कनकलता सिंह सहित परिवार के लोगों से मिले।
उन्हें देखते ही मोहन सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह रोने लगीं तो सीएम ने ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे हमेशा कहते थे कि मेरी दो बेटी और एक बेटा अखिलेश हैं।
उन्होंने कहा कि हमने समाजवादी परिवार एक प्रमुख स्तंभ खोया है। यह मेरा परिवार है। मोहन सिंह की राजनीतिक विरासत के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय लेने का उचित वक्त नहीं है।