वाराणसी, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, युवाओं से चर्चा
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वहीं, अभिषेक सिंह ने कहा कि जाति, धर्म और मजहब के आधार पर विश्वविद्यालय में नामांकन किया जाता है, यह कहना सर्वथा अनुचित है। विश्वविद्यालय के किसी प्रशासनिक अधिकारी की लापरवाही के चलते आप सरकार को दोष नहीं दे सकते हैं। डॉ अमरेंद्र राय ने कहा कि जाति और धर्म के आधार विश्वविद्यालय में नामांकन नहीं होता है। वहीं, एक छात्र ने कहा कि हम जाति, धर्म और मजहब पर बात करने यहां नहीं आए हैं। हम शिक्षा, रोजगार, महंगाई और स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दे पर बात करने आए हैं। शुभांशी पांडे (छात्रा) ने कहा कि भाजपा ने दो एम्स बनवाए हैं। योगी और मोदी की सरकार ने 25 से अधिक मेडिकल कॉलेज बनवाए हैं। प्रदेश में पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। भाजपा की सरकार में काम हुआ है। उधर, धीरज कुमार तिवारी ने भोजपुरी गाना गाकर क्लास को ऑफलाइन करने की मांग की। उन्होंने गाने के माध्यम से कहा कि विश्वविद्यालय में ऑनलाइन क्लास कोई नहीं चाहता है। सब ऑफलाइन की डिमांड कर रहा है।
दिव्याशु ने कहा कि पिछले दो साल में जितने मेडिकल कॉलेज बने हैं, वहां पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है। केवल बिल्डिंग बन गई है। भाजपा के लोग केवल आंकड़ों के जरिए बता देते हैं कि हमने इतने मेडिकल कॉलेज बनवा दिए। इसके अलावा युवाओं ने रोजगार का भी मुद्दा जमकर उठाया। शिवराज शर्मा ने कहा कि जब आप रोजगार की बात करेंगे तो भाजपा वाले 'भारत माता की जय' करेंगे और जब आप शिक्षा की बात करेंगे तो ये 'महादेव महादेव' करेंगे। वहीं, एक छात्रा ने इस पर कहा कि हमारे देश की जितनी आबादी, सबको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती। वहीं, योगेश नाम के एक छात्र ने कहा कि बीएचयू में लड़कियों का खुलेआम शोषण किया जाता है। इस पर वहां मौजूद लड़कियों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी।